शार्ङ्गधर संहिता (दीपिका टीका व हिन्दी व्याख्या सहित)
Sharangadhara Samhita with Dipika Hindi Commentary
शार्ङ्गधराचार्य द्वारा
स्रोत: चौखम्बा सुरभारती प्रकाशन · चौखम्बा सुरभारती प्रकाशन (उद्गम)
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संदर्भ में पढ़ें(xii) स्थानभेद से औषधद्रव्यों का विचार 15 त्रिविध देश-लक्षण 16 द्रव्यग्रहण-निर्देश 16 निन्दित भेषज द्रव्य 16 ऋतुभेद से औषधद्रव्य-संग्रह 16 द्रव्यों के अवयवों का ग्रहण 17 द्वितीयोऽध्यायः औषध-सेवन-काल 18 औषध-सेवन के पाँच काल 18 औषध-सेवन का प्रथम-काल 18 औषध-सेवन का द्वितीय काल 18 औषध-सेवन का तृतीय काल 19 औषध सेवन का चतुर्थ काल 19 औषध-सेवन का पञ्चम काल 19 द्रव्य की पाँच अवस्थाएँ 19 द्रव्य का लक्षण 20 रसों के छः भेद 20 मधुररस के लक्षण 20 अम्लरस के लक्षण 20 लवणरस के लक्षण 20 कटुरस के लक्षण 20 तिक्तरस के लक्षण 21 कषायरस के लक्षण 21 रसों का उत्पत्ति-क्रम 21 पञ्चमहाभूतों के गुण 21 गुरु गुण के लक्षण 22 स्निग्ध गुण के लक्षण 22 तीक्ष्ण गुण के लक्षण 22 रूक्ष गुण के लक्षण 22 लघु गुण के लक्षण 22 वीर्य का वर्णन 22 उष्ण-शीतवीर्य के लक्षण 22 विपाक-परिचय 23 प्रभाव का वर्णन 23 प्रभाव का लक्षण 23 रस आदि के कर्म 24 ऋतु-भेद से दोषों का चय, कोप, शम 24 राशियों के क्रम से छः ऋतुएँ 24 संशोधनार्थ ऋतुक्रम 24 व्यवहारार्थ ऋतुक्रम 24 दोषों का चय, कोप, शम काल 24 वातादि दोषों की चय, प्रकोप, प्रशम तालिका 25 यमदंष्ट्रा काल-परिचय 25 चय आदि पर आहार-विहार का प्रभाव 25 वातदोष का प्रकोप तथा प्रशम 25 पित्तदोष का प्रकोप तथा प्रशम 26 कफदोष का प्रकोप तथा प्रशम 26 तृतीयोऽध्यायः नाड़ी-परीक्षा का स्थान 27 वातदोष में नाड़ी की गतियाँ 27 पित्तदोष में नाड़ी की गतियाँ 27 कफदोष में नाड़ी की गतियाँ 28 सन्निपात में नाड़ी की गतियाँ 28 द्विदोषज तथा असाध्य नाड़ी की गतियाँ 28 प्राणनाशिनी नाड़ी 28 ज्वर आदि में नाड़ी की गति 28 मन्दाग्नि आदि में नाड़ी की गति 28 स्वस्थ आदि पुरुषों में नाड़ी की गति 28 नेत्र-परीक्षा 29 जिह्वा-परीक्षा 29 मूत्र-परीक्षा 29 दूत-परीक्षा 30 दूत के शकुन 30 वैद्य के शकुन 30 चिकित्सा-योग्य रोगी के लक्षण 30 वैद्य का लक्षण 30 परिचारक का लक्षण 30 भेषज का लक्षण 31 चिकित्सा के चार पाद 31 विविध प्रकार के दुःस्वप्न 31 दुःस्वप्नों के प्रायश्चित्त 31 शुभ स्वप्न 31