भारतकोश
शार्ङ्गधर संहिता (दीपिका टीका व हिन्दी व्याख्या सहित)

शार्ङ्गधर संहिता (दीपिका टीका व हिन्दी व्याख्या सहित)

Sharangadhara Samhita with Dipika Hindi Commentary

शार्ङ्गधराचार्य द्वारा

स्रोत: चौखम्बा सुरभारती प्रकाशन · चौखम्बा सुरभारती प्रकाशन (उद्गम)

DevanagariSanskritpublished356 पृष्ठ

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विषय-सूची आमुख (v) पूर्वखण्ड प्रथमोऽध्यायः | भार तथा तुला के मान 6 मङ्गलाचरणम् 1 | क्रमशः चतुर्गुण के मान 6 टीकाकर्तुः मङ्गलाचरणम् 1 | द्रव आदि द्रव्यों का मान 7 ग्रन्थ का महत्त्व 1 | द्विगुण मान-व्यवहार 7 निदान के बाद चिकित्सा-निर्देश 2 | कुडवमान-मापक पात्र 7 दिव्यौषधियों के प्रभाव 2 | योग-नामकरण-विधि 7 चिकित्सा-विधि-निर्देश 3 | मात्रा-विचार 7 ग्रन्थ की प्रामाणिकता 3 | कालिंग-मान 8 पूर्वखण्ड के अध्याय 3 | द्विविध-मान 8 मध्यमखण्ड के अध्याय 3 | प्राचीनकाल में मान-भेद 9 उत्तरखण्ड के अध्याय 4 | कतिपय प्राचीन पौतवमान 9 अध्यायों तथा श्लोकों की गणना 4 | आयुर्वेदीय द्रुवयमान 11 मान-परिभाषा 4 | आयुर्वेदीय पाय्यमान 11 मागधमान-परिभाषा 4 | नवीन तथा प्राचीन द्रव्य 12 परमाणु-परिचय 5 | गीले द्रव्यों का प्रयोग 12 वंशी का मान 5 | सूखे तथा गीले द्रव्यों का विचार 12 मरीचि आदि के मान 5 | अनुक्त परिभाषा 12 यव आदि के मान 5 | प्राणिज द्रव्यग्रहण-विधि 13 शाण आदि के मान 5 | पुनरुक्त द्रव्य का मान 13 कर्ष का मान तथा पर्याय 5 | लाल एवं सफेद चन्दन का विचार 13 आधा पल तथा पल का मान 6 | चूर्णादि में गुणहीनता का विचार 14 प्रसृति आदि के मान 6 | गुणहीनता का निर्णय 14 प्रस्थ तथा आढक के मान 6 | भेषज-भण्डार 14 द्रोण तथा शूर्प मान 6 | भेषज-भण्डार-स्वरूप 15 द्रोणी तथा खारी के मान 6 | उचित-अनुचित द्रव्य 15