श्रीरामचरितमानस

श्रीरामचरितमानस
Shri Ramcharitmanas
गोस्वामी तुलसीदास द्वारा
स्रोत: Gita Press Gorakhpur · Gita Press Gorakhpur (उद्गम)
DevanagariHindipublished1,058 पृष्ठ
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| विषय | पृष्ठ-संख्या | विषय | पृष्ठ-संख्या |
|---|---|---|---|
| सुन्दरकाण्ड | |||
| १४४-मंगलाचरण ..... | ७१३ | १५९-विभीषणका भगवान् श्रीरामजीकी शरणके लिये प्रस्थान और शरणप्राप्ति ..... | ७५२ |
| १४५-हनुमान्जीका लङ्काको प्रस्थान, सुरसासे भेंट, छाया पकड़नेवाली राक्षसीका वध ..... | ७१४ | १६०-समुद्र पार करनेके लिये विचार, रावणदूत शुक्का आना और लक्ष्मणजीके पत्रको लेकर लौटना ..... | ७५९ |
| १४६-लङ्कावर्णन, लङ्कानीपर प्रहार, लङ्कामें प्रवेश ..... | ७१६ | १६१-दूतका रावणको समझाना और लक्ष्मणजीका पत्र देना ..... | ७६२ |
| १४७-हनुमान्-विभीषण-संवाद ..... | ७२० | १६२-समुद्रपर श्रीरामजीका क्रोध और समुद्रकी विनती ..... | ७६६ |
| १४८-हनुमान्जीका अशोकवाटिकामें सीताको देखकर दुःखी होना और रावणका सीताजीको भय दिखलाना ..... | ७२२ | १६३-श्रीराम-गुणगानकी महिमा ..... | ७६९ |
| १४९-श्रीसीता-त्रिजटा-संवाद ..... | ७२४ | लङ्काकाण्ड | |
| १५०-श्रीसीता-हनुमान्-संवाद ..... | ७२६ | १६४-मंगलाचरण ..... | ७७१ |
| १५१-हनुमान्जीद्वारा अशोकवाटिका-विध्वंस, अक्षयकुमार-वध और मेघनादका हनुमान्जीको नागपाशमें बाँधकर सभामें ले जाना ..... | ७३० | १६५-नल-नीलद्वारा पुल बाँधना, श्रीरामजीद्वारा श्रीरामेश्वरकी स्थापना ..... | ७७३ |
| १५२-हनुमान्-रावण-संवाद ..... | ७३३ | १६६-श्रीरामजीका सेनासहित समुद्र पार उत्तरना, सुबेल पर्वतपर निवास, रावणकी व्याकुलता ..... | ७७६ |
| १५३-लङ्का-दहन ..... | ७३७ | १६७-रावणको मन्दोदरीका समझाना, रावण-प्रहस्त-संवाद ..... | ७७७ |
| १५४-लङ्का जलानेके बाद हनुमान्जीका सीताजीसे विदा माँगना और चूड़ामणि पाना ..... | ७३८ | १६८-सुबेलपर श्रीरामजीकी झाँकी और चन्द्रोदयवर्णन ..... | ७८२ |
| १५५-समुद्रके इस पार आना, सबका लौटना, मधुवन-प्रवेश, सुग्रीव-मिलन, श्रीराम-हनुमान्-संवाद ..... | ७३९ | १६९-श्रीरामजीके बाणसे रावणके मुकुट-छत्रादिका गिरना ..... | ७८४ |
| १५६-श्रीरामजीका वानरोँकी सेनाके साथ चलकर समुद्रतटपर पहुँचना ..... | ७४५ | १७०-मन्दोदरीका फिर रावणको समझाना और श्रीरामकी महिमा कहना .... | ७८५ |
| १५७-मन्दोदरी-रावण-संवाद ..... | ७४७ | १७१-अंगदजीका लंका जाना और रावणकी सभामें अंगद-रावण-संवाद ..... | ७८८ |
| १५८-रावणको विभीषणका समझाना और विभीषणका अपमान ..... | ७४९ | १७२-रावणको पुनः मन्दोदरीका समझाना ..... | ८०७ |
| १७३-अंगद-राम-संवाद ..... | ८०९ | ||
| १७४-युद्धारम्भ ..... | ८११ |