भारतकोश
श्रीरामचरितमानस

श्रीरामचरितमानस

Shri Ramcharitmanas

गोस्वामी तुलसीदास द्वारा

स्रोत: Gita Press Gorakhpur · Gita Press Gorakhpur (उद्गम)

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विषयपृष्ठ-संख्याविषयपृष्ठ-संख्या
१७५-माल्यवान्‌का रावणको समझाना ...८१९१८९-रावण-हनुमान्-युद्ध, रावणका माया रचना, रामजीद्वारा माया-नाश ......८६८
१७६-लक्ष्मण-मेघनाद-युद्ध, लक्ष्मणजीको शक्ति लगना ........................८२४१९०-घोर युद्ध, रावणकी मूर्च्छा ..........८७१
१७७-हनुमान्‌जीका सुषेण वैद्यको लाना एवं संजीवनीके लिये जाना, कालनेमि-रावण-संवाद, मकरी-उद्धार, कालनेमि-उद्धार .............८२५१९१-त्रिजटा-सीता-संवाद ..................८७३
१७८-भरतजीके बाणसे हनुमान्‌का मूर्च्छित होना, भरत-हनुमान्-संवाद ........८२८१९२-राम-रावण-युद्ध, रावण-वध, सर्वत्र जयध्वनि .............................८७६
१७९-श्रीरामजीकी प्रलापलीला, हनुमान्‌जीका लौटना, लक्ष्मणजीका उठ बैठना ............................८२९१९३-मन्दोदरी-विलाप, रावणकी अन्त्येष्टि-क्रिया .........................८८१
१८०-रावणका कुम्भकर्णको जगाना, कुम्भकर्णका रावणको उपदेश और विभीषण-कुम्भकर्ण-संवाद ...८३२१९४-विभीषणका राज्याभिषेक ...........८८४
१८१-कुम्भकर्ण-युद्ध और उसकी परमगति८३४१९५-हनुमान्‌जीका सीताजीको कुशल सुनाना, सीताजीका आगमन और अग्नि-परीक्षा .........................८८५
१८२-मेघनादका युद्ध, रामजीका लीलासे नागपाशमें बँधना ..........८४२१९६-देवताओंकी स्तुति, इन्द्रकी अमृत-वर्षा ..............................८८८
१८३-मेघनाद-यज्ञ-विध्वंस, युद्ध और मेघनाद-उद्धार ....................८४५१९७-विभीषणकी प्रार्थना, श्रीरामजीके द्वारा भरतजीके प्रेमदशाका वर्णन, शीघ्र अयोध्या पहुँचनेका अनुरोध .८९६
१८४-रावणका युद्धके लिये प्रस्थान और श्रीरामजीका विजय-रथ तथा वानर-राक्षसोंका युद्ध ................८४९१९८-विभीषणका वस्त्राभूषण बरसाना और वानर-भालुओंका उन्हें पहनना८९७
१८५-लक्ष्मण-रावण-युद्ध ..................८५४१९९-पुष्पकविमानपर चढ़कर श्रीसीता-रामजीका अवधके लिये प्रस्थान ..८९९
१८६-रावण-मूर्च्छा, रावण-यज्ञ-विध्वंस, राम-रावण-युद्ध .......................८५५२००-श्रीरामचरितकी महिमा ...............९०३
१८७-इन्द्रका श्रीरामजीके लिये रथ भेजना, राम-रावण-युद्ध .......................८६१उत्तरकाण्ड
१८८-रावणका विभीषणपर शक्ति छोड़ना, रामजीका शक्तिको अपने ऊपर लेना, विभीषण-रावण-युद्ध ............................८६७२०१-मंगलाचरण ............................९०५
२०२-भरत-विरह तथा भरत-हनुमान्-मिलन, अयोध्यामें आनन्द .........९०६
२०३-श्रीरामजीका स्वागत, भरत-मिलाप, सबका मिलनानन्द ....................९१२
२०४-राम-राज्याभिषेक, वेदस्तुति, शिवस्तुति .............................९१९
२०५-वानरोंकी और निषादकी विदाई ..९२६
२०६-रामराज्यका वर्णन ....................९३०