भारतकोश
श्रीरामचरितमानस

श्रीरामचरितमानस

Shri Ramcharitmanas

गोस्वामी तुलसीदास द्वारा

स्रोत: Gita Press Gorakhpur · Gita Press Gorakhpur (उद्गम)

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विषयपृष्ठ-संख्याविषयपृष्ठ-संख्या
सुन्दरकाण्ड
१४४-मंगलाचरण .....७१३१५९-विभीषणका भगवान् श्रीरामजीकी शरणके लिये प्रस्थान और शरणप्राप्ति .....७५२
१४५-हनुमान्जीका लङ्काको प्रस्थान, सुरसासे भेंट, छाया पकड़नेवाली राक्षसीका वध .....७१४१६०-समुद्र पार करनेके लिये विचार, रावणदूत शुक्का आना और लक्ष्मणजीके पत्रको लेकर लौटना .....७५९
१४६-लङ्कावर्णन, लङ्कानीपर प्रहार, लङ्कामें प्रवेश .....७१६१६१-दूतका रावणको समझाना और लक्ष्मणजीका पत्र देना .....७६२
१४७-हनुमान्-विभीषण-संवाद .....७२०१६२-समुद्रपर श्रीरामजीका क्रोध और समुद्रकी विनती .....७६६
१४८-हनुमान्जीका अशोकवाटिकामें सीताको देखकर दुःखी होना और रावणका सीताजीको भय दिखलाना .....७२२१६३-श्रीराम-गुणगानकी महिमा .....७६९
१४९-श्रीसीता-त्रिजटा-संवाद .....७२४लङ्काकाण्ड
१५०-श्रीसीता-हनुमान्-संवाद .....७२६१६४-मंगलाचरण .....७७१
१५१-हनुमान्जीद्वारा अशोकवाटिका-विध्वंस, अक्षयकुमार-वध और मेघनादका हनुमान्जीको नागपाशमें बाँधकर सभामें ले जाना .....७३०१६५-नल-नीलद्वारा पुल बाँधना, श्रीरामजीद्वारा श्रीरामेश्वरकी स्थापना .....७७३
१५२-हनुमान्-रावण-संवाद .....७३३१६६-श्रीरामजीका सेनासहित समुद्र पार उत्तरना, सुबेल पर्वतपर निवास, रावणकी व्याकुलता .....७७६
१५३-लङ्का-दहन .....७३७१६७-रावणको मन्दोदरीका समझाना, रावण-प्रहस्त-संवाद .....७७७
१५४-लङ्का जलानेके बाद हनुमान्जीका सीताजीसे विदा माँगना और चूड़ामणि पाना .....७३८१६८-सुबेलपर श्रीरामजीकी झाँकी और चन्द्रोदयवर्णन .....७८२
१५५-समुद्रके इस पार आना, सबका लौटना, मधुवन-प्रवेश, सुग्रीव-मिलन, श्रीराम-हनुमान्-संवाद .....७३९१६९-श्रीरामजीके बाणसे रावणके मुकुट-छत्रादिका गिरना .....७८४
१५६-श्रीरामजीका वानरोँकी सेनाके साथ चलकर समुद्रतटपर पहुँचना .....७४५१७०-मन्दोदरीका फिर रावणको समझाना और श्रीरामकी महिमा कहना ....७८५
१५७-मन्दोदरी-रावण-संवाद .....७४७१७१-अंगदजीका लंका जाना और रावणकी सभामें अंगद-रावण-संवाद .....७८८
१५८-रावणको विभीषणका समझाना और विभीषणका अपमान .....७४९१७२-रावणको पुनः मन्दोदरीका समझाना .....८०७
१७३-अंगद-राम-संवाद .....८०९
१७४-युद्धारम्भ .....८११