भारतकोश
श्रीभाष्य (भगवद् रामानुजाचार्य - विशिष्टाद्वैत वेदान्त ब्रह्मसूत्र महाभाष्य सटीक)

श्रीभाष्य (भगवद् रामानुजाचार्य - विशिष्टाद्वैत वेदान्त ब्रह्मसूत्र महाभाष्य सटीक)

Sri Bhashya of Bhagavad Ramanujacharya with Commentary

भगवद् रामानुजाचार्य (सम्पादक: स्वामी वासुदेवाचार्य) द्वारा

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प्रकाशकीयः भगवान श्री रामानुजाचार्य कृत श्री भाष्य की सानुवाद प्रस्तुति से हमें अपार हर्ष है। पूज्य चरण स्वामी ललित कृष्ण जी महाराज ने बड़ी निष्ठा और लगन के साथ प्रसिद्ध चारो वैष्णव सम्प्रदाय के भाष्यों की व्याख्या सरल सुगम मार्मिक भाषा में प्रस्तुत की है। सं० २०२० में श्री निम्बार्काचार्य चरण प्रणीत वेदान्त पारिजात सौरभ और वेदान्त कामधेनु को हम सानुवाद, वृहद भूमिका सहित प्रकाशित कर चुके हैं, जो कि प्रादेशिक सरकार द्वारा पुरस्कृत भी है, उसका नव संस्करण तथा मध्व और वल्लभ संप्रदाय के पूर्णप्रज्ञ और अणुभाष्य भी हम इसके साथ प्रकाशित कर रहे हैं। समस्त वैष्ण समाज निश्चित ही इससे लाभान्वित होगा। इस ग्रन्थ के प्रकाशन में आदरणीय पं० भगवानदत्त जी जोशी, श्रीमान नृसिंह दास जी बाँगर, बैकुण्ठवासी श्रीमान गजाधर जी सोमाणी, श्रीमान जयदयाल जी डालमिया, श्रीमान गंगाधर जी डालमिया आदि महानुभावों की सदभावना और आर्थिक सहयोग प्राप्त हुआ है इसके लिए हम अत्यन्त आभारी हैं। कल्याण के सम्पादक पूज्य चिम्मन लाल जी गोस्वामी की आज्ञा से गीता प्रेस के प्रबन्धकों ने आचार्य चरण के चित्रपट भेजे हैं उसके लिये हम गोस्वामी जी को साभार नमन करते हैं। श्री सम्प्रदाय के आचार्यों, विद्वानों और वैष्णवों का भी इस ग्रन्थ के प्रकाशन में हमें पूर्ण सौहार्द प्राप्त हुआ है इस ग्रन्थ की गरिमा जगत् प्रसिद्ध है, इसके संबंध में कुछ लिखना मुझ जैसे व्यक्ति के लिए असंभव है। विज्ञजन इसे अपनाकर हमें कृतार्थ करेंगे। मकरसंक्रान्ति, २०३० मुनि लाल (भगवानदास मुन्नीलाल, बाँदा, उत्तर प्रदेश) ankurnagpal108@gmail.com