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सुदामा चरित (महाकवि नरोत्तमदास - ब्रजभाषा काव्य एवं सान्वय सटीक)

सुदामा चरित (महाकवि नरोत्तमदास - ब्रजभाषा काव्य एवं सान्वय सटीक)

Sudama Charit of Mahakavi Narottamdas with Commentary

महाकवि नरोत्तमदास द्वारा

DevanagariHindipublished108 पृष्ठ

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सुदामा-चरित / २३

भाँति जानता है। इसी मानवीय मनोविज्ञान को दृष्टि में रखकर सुबुद्धि का चारित्रिक वैशिष्ट्य चरम निखार को प्राप्त करता है। इस प्रकार यथार्थ-दृष्टि और नारी मनोविज्ञान के घने स्पर्श से सुबुद्धि का चरित्र अत्यन्त स्वाभाविक एवं प्रभावोत्पादक बन गया है। श्रीकृष्ण—श्रीकृष्ण ‘सुदामा-चरित’ के अत्यन्त महत्त्वपूर्ण पात्र हैं। कविवर नरोत्तमदास ने उनका चरित्र-चित्रण लौकिक एवं अलौकिक दोनों आधार भूमियों पर बड़ी कलात्मकता के साथ किया है। वे आदर्श-मैत्री के अपूर्व उदाहरण हैं। उनकी मित्र-वत्सलता असाधारण है, विपत्तिग्रस्त अपने मित्र को अपना सर्वस्व सौंप देना चाहते हैं। उनकी आदर्श-मत्री प्रत्युपकार की भावना से कोसों दूर, चिरस्तुत्य एवं चिरस्मरणीय है। वे द्वारिकापति हैं, उनका चारित्रिक वैशिष्ट्य उनके अलौकिक कृत्यों से अधिक विख्यात है किन्तु इस खण्ड-काव्य में वे मित्र- वत्सलता की दृष्टि से एक अमर चरित्र बन गए हैं। इस रचना के निर्माता ने उनके इस उदात्त रूप को अत्यन्त सफलता के साथ उभारा है। श्रीकृष्ण का चरित्र-चित्रण करते समय कविवर नरोत्तमदास ने उनके लौकिक एवं अलौकिक दोनों रूपों को जहाँ बड़ी निपुणता से अंकित किया है, वहाँ सुदामा के चारित्रिक वैशिष्ट्य को दबने नहीं दिया है। उन्हें मानवीय आधार भूमि पर लाकर, अपनी काव्य-कला का उत्कर्ष दिखाया है। वस्तुतः आदर्श-मैत्री की प्रतिष्ठा ही कवि का अभीष्ट है और वह लौकिक धरातल पर अधिक स्वाभाविक निखार पा सकती थी। अपने इस संवेद्य की व्यंजना में वे पूर्णतः सफल रहे हैं। कृष्ण-काव्य-परम्परा में मुख्यतः श्रीकृष्ण को एक मनमोहक बालक तथा रसिक तरुण के रूप में ही चित्रित किया गया है। उनके आदर्श-मैत्री के उदात्त रूप को सर्वाधिक कुशलता के साथ निरूपित करने का श्रेय ‘सुदामा-चरित’ के निर्माता को देना समीचीन है। इस रचना में वे मित्र-वत्सलता की साक्षात् प्रतिमा बनकर प्रस्तुत हुए हैं। उन्हें जैसे ही द्वारपाल से बाल्यकाल के मित्र सुदामा के आगमन की सूचना मिलती है, वे मित्र-मिलन की आकांक्षा लिए दौड़ पड़ते हैं। उन्हें अपनी भी सुध-बुध नहीं रहती है। वे नेत्रों में प्रेम के आँसू भर-