स्वदेशी भारत एवं विदेशी कंपनियों का षड़यन्त्र
Swadeshi Bharat evam Videshi Kampaniyon Ka Shadyantra
राजीव दीक्षित / रोबिन सिराना द्वारा
स्रोत: Swadeshi Bharat & Rajiv Dixit Lectures · Swadeshi Robin Sirana · 2017 (उद्गम)
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संदर्भ में पढ़ेंजारी किया। सन्. 1492 में, और वो नोटिफिकेशन क्या था? वो नोटिफिकेशन ये था कि 1492 के बाद, सारी दुनिया की संपत्ति को उन्होंने दो हिस्सों में बाँटा, और दो हिस्सों में ऐसा बाँटा कि दुनिया का एक हिस्सा पूर्वी हिस्सा, और दुनिया का दूसरा हिस्सा पश्चिमी हिस्सा, तो पूर्वी हिस्से की संपत्ति को लूटने का काम पुर्तगाल करेगा और पश्चिमी हिस्से की संपत्ति को लूटने का काम स्पेन करेगा, ये आदेश 1492 में पोप ने जारी किया, ये आदेश जारी करते समय, जो मूल सवाल है वो ये है कि क्या किसी पोप को ये अधिकार है कि वो दुनिया को दो हिस्सों में बाँटे, और उन दोनों हिस्सों को लूटने के लिए दो अलग अलग देशों की नियुक्ति कर दे? स्पेन को कहा की दुनिया के पश्चिमी हिस्से को तुम लूटो, पुर्तगाल को कहा की दुनिया के पूर्वी हिस्से को तुम लूटो और 1492 में जारी किया हुआ वो आदेश और बुल आज भी एजिस्ट करता है।
ये क्रिस्चियनिटी की धर्मसत्ता कितनी खतरनाक हो सकती है उसका एक अंदाजा इस बात से लगता है कि उन्होंने मान लिया कि सारी दुनिया तो हमारी है और इस दुनिया को दो हिस्सों में बाँट दो पुर्तगाली पूर्वी हिस्से को लूटेंगे, स्पेनिश लोग पश्चिमी हिस्से को लूटेंगे। पुर्तगालियों को चूँकि दुनिया के पूर्वी हिस्से को लूटने का आदेश मिला पोप की तरफ से तो उसी लूट को करने के लिए वास्को डी गामा हमारे देश आया था, क्योंकि भारतवर्ष दुनिया के पूर्वी हिस्से में पड़ता है, और उसी लूट के सिलसिले को बरकरार रखने के लिए कोलंबस अमरीका गया, इतिहास बताता है कि 1492 में कोलंबस अमरीका पहुंचा, और 1498 में वास्को डी गामा हिंदुस्तान पहुंचा, भारतवर्ष पहुंचा। कोलंबस जब अमरीका पहुंचा तो उसने अमरीका में, जो मूल प्रजाति थी रेड इंडियन्स जिनको माया सभ्यता के लोग कहते थे, उन माया सभ्यता के लोगों से मार कर पिट कर सोना चांदी छिनने का काम शुरू किया। इतिहास में ये बराबर गलत जानकारी हमको दी गई कि कोलंबस कोई महान व्यक्ति था, महान व्यक्ति नहीं था, अगर गुजराती में मैं शब्द इस्तेमाल करू तो नराधम था, और वो किस दर्जे का नराधम था, सोना चांदी लूटने के लिए अगर किसी की हत्या करनी पड़े तो कोलंबस उसमे पीछे नहीं रहता था।
उस आदमी ने 14 – 15 वर्षों तक बराबर अमेरीका के रेड इंडियन लोगों को लुटा, और उस लूट से भर – भर कर जहांजब जब स्पेन गए तो स्पेन के लोगों को लगा कि अमेरिका में तो बहुत सम्पत्ति है, तो स्पेन की फ़ौज और स्पेन की आर्मी फिर अमरीका पहुंची, और स्पेन की फ़ौज और स्पेन की आर्मी ने अमेरीका में पहुँच कर 10 करोड़ रेड इंडियन्स को मौत के घाट उतार दिया, 10 करोड़ और ये दस करोड़ रेड इंडियन्स मूल रूप से अमरीका के बाशिंदे थे, ये जो अमरीका का चेहरा आज आपको दिखाई देता है, ये अमरीका 10 करोड़ रेड इंडियन की लाश पर खड़ा हुआ एक देश है, कितने हैवानियत वाले लोग होंगे, कितने नराधम किस्म के लोग होंगे, जो सबसे पहले गए अमरीका को बसाने के लिए, उसका एक अंदाजा आपको लग सकता है, आज स्थिति क्या है कि जो अमरीका की मूल प्रजा है, जिनको रेड इंडियन कहते हैं, उनकी संख्या मात्र 65000 रह गई है।
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