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स्वदेशी उत्पाद बनाने की विधि (भाग 1)

स्वदेशी उत्पाद बनाने की विधि (भाग 1)

Swadeshi Utpad Banane Ki Vidhi (Bhag 1)

राजीव दीक्षित / रोबिन सिराना द्वारा

स्रोत: Swadeshi Utpad Series Part 1 · Swadeshi Robin Sirana · 2017 (उद्गम)

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घुटाई सामान्यतः 5 मिनट तक की जाए। इतने समय में ही कास्टिक की गंध आने लगेगी, तब घुटाई बंद कर दें।

  1. 4. बाल्टी से इस सामग्री को जिस बर्तन(सामान्यतः चौकोर/गोल प्लास्टिक टब अथवा ट्रे) में जमाना है, उलट दें तथा 14-15 घण्टे जमने के लिए छोड़ दें। इसके बाद इच्छानुसार आकार की बट्टियाँ काट लें तथा पैकिंग कर दें।

सावधानियाँ -

  1. 1. एल्युमीनियम या अन्य धातु की बाल्टी का प्रयोग किसी भी स्थिति में न करें।
  2. 2. कास्टिक सोडा को खुला न छोड़े, अन्यथा वातावरण की नमी सोखकर पानी बन जाएगा।
  3. 3. कास्टिक सोडा अथवा उसके घोल को हाथ से न छुएं।
  4. 4. सोडा बाल्टी में तेल डालने के साथ ही आटे का घोल डालें, यदि आटा घोल डालने में देरी हुई तो आटे का घोल फट जाएगा।
  5. 5. बाल्टी नं. 1 एवं 2 की सामग्री की लुगदी बनाने हेतु घुटाई कास्टिक सोडा की गंध आने तक ही की जाय। अधिक घुटाई करने पर लुगदी तेल छोड़ देगी और जमेगा नहीं।

सामान्यतः वजन बढ़ाने तथा साबुन में कडापन लाने के लिए डोलामाइट/स्टोन पाउडर का प्रयोग किया जाता है, परन्तु इससे साबुन की क्वालिटी अच्छी नहीं होती। अनुभव से यह पाया गया है कि आटा या बेसन डालने से कई लाभ होते हैं। इससे ठोसपन व वजन बढ़ने के साथ-साथ साबुन

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