भारतकोश
तैत्तिरीयोपनिषद् (शाङ्करभाष्य सहित)

तैत्तिरीयोपनिषद् (शाङ्करभाष्य सहित)

Taittiriya Upanishad with Shankara Bhashya

आदि शङ्कराचार्य द्वारा

स्रोत: Gita Press Gorakhpur · Gita Press, Gorakhpur (उद्गम)

DevanagariSanskritpublished261 पृष्ठ

पृष्ठ 14, कुल 261 में से

संदर्भ में पढ़ें
पृष्ठ 14

( १० ) नवम अनुवाक ११. ऋतादि शुभ कर्मोंकी आवश्यककर्त्तव्यताका विधान ... ६१ दशम अनुवाक १२. त्रिशङ्कुका वेदानुवचन ... ... ६५ एकादश अनुवाक १३. वेदाध्ययनके अनन्तर शिष्यको आचार्यका उपदेश ... ६८ १४. मोक्ष-साधनकी मीमांसा ... ... ७८ द्वादश अनुवाक ... ... ९३ ब्रह्मानन्दवल्ली प्रथम अनुवाक १५. ब्रह्मानन्दवल्लीका शान्तिपाठ ... ... ९४ १६. ब्रह्मज्ञानके फल, सृष्टिक्रम और अन्नमय कोशरूप पक्षीका वर्णन ... ९६ द्वितीय अनुवाक १७. अन्नकी महिमा तथा प्राणमय कोशका वर्णन ... १२४ तृतीय अनुवाक १८. प्राणकी महिमा और मनोमय कोशका वर्णन ... १३० चतुर्थ अनुवाक १९. मनोमय कोशकी महिमा तथा विज्ञानमय कोशका वर्णन ... १३८ पञ्चम अनुवाक २०. विज्ञानकी महिमा तथा आनन्दमय कोशका वर्णन ... १४१ षष्ठ अनुवाक २१. ब्रह्मको सत् और असत् जाननेवालोंका भेद, ब्रह्मज्ञ और अब्रह्मज्ञकी ब्रह्मप्राप्तिके विषयमें शङ्का तथा सम्पूर्ण प्रपञ्चरूपसे ब्रह्मके स्थित होनेका निरूपण ... ... १५० सप्तम अनुवाक २२. ब्रह्मकी सुकृतता एवं आनन्दरूपताका तथा ब्रह्मवेत्ताकी अभय- प्राप्तिका वर्णन ... ... १७३ अष्टम अनुवाक २३. ब्रह्मानन्दके निरतिशयत्वकी मीमांसा ... ... १८२ २४. ब्रह्मात्मैक्य-दृष्टिका उपसंहार ... ... १९१ नवम अनुवाक २५. ब्रह्मानन्दका अनुभव करनेवाले विद्वान्‌की अभयप्राप्ति ... २०८