भारतकोश
वेणीसंहारम् (भट्ट नारायण - संस्कृत मूल एवं सान्वय हिन्दी व्याख्या)

वेणीसंहारम् (भट्ट नारायण - संस्कृत मूल एवं सान्वय हिन्दी व्याख्या)

Venisamhara Nataka of Bhatta Narayana with Commentary

भट्ट नारायण द्वारा

DevanagariHindipublished355 पृष्ठ

पृष्ठ 11, कुल 355 में से

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१० - कथासार प्रारम्भ हो गया है । तब अपने बिखरे केशोंको क्यों नहीं सम्हाल लेती ।' इस समाचारसे भीमका क्रोध इसलिये अधिक नहीं बढ़ा कि उन्हें यह भी उसी समय मालूम हो गया कि चेटीने भानुमतीको इसका सटीक उत्तर दे दिया था कि 'अयि भानुमती ! आपके केश जब तक विमुक्त नहीं होंगे (आप विधवा नहीं होंगी) तब तक मेरी महारानीके केश कैसे बँधेंगे ?' इतनेमे युद्धस्थलसे नगाड़े की आवाज आने लगी और कञ्चुकी द्वारा मालूम हो गया कि संधि प्रस्ताव भग्न हो गया तथा दुर्योधनने भगवान् कृष्णको बंदी बनानेका आदेश दे दिया । इसीसे अपने (पाण्डवोंके) शिविरमें खल- बली मच गयी है । यह सुन भीम तत्क्षण ही द्रौपदीको ढाढस देकर शीघ्रता से समरके लिए चल पड़े । द्वितीय अङ्क अभिमन्युवध के पश्चात् राजा दुर्योधन प्रफुल्लित होकर अपनी रानी भानुमतीको यह समाचार सुनानेके लिए स्वयं प्रस्तुत हुए, पर उस समय अपनी सखियोंके साथ धीरे-धीरे बात करती हुई महारानीको देख, दुर्योधन सशंकित होकर परदेकी आड़से महारानीकी बातें सुनने लगे । महारानी भानुमतीने कहा-'हे सखि ! तदनन्तर देवताओंसे भी अधिक सुन्दर उस 'नकुल' के दर्शनसे मैं उत्कण्ठित हो उठी—मेरा हृदय उसपर आसक्त हो गया, फिर मैं उस स्थानको छोड़कर लता-कुञ्जमें चली गई और वह नकुल भी मेरा अनुसरण करता हुआ उस कुञ्जमें प्रवेश कर गया तथा धृष्टतासे हाथ फैलाकर मेरे स्तनावरणोंको हटा दिया...' इतनी अधूरी बातें सुनते ही राजा दुर्योधन मारे क्रोधसे लाल हो उठे और मन ही मन कहने लगे-'अरी ! माद्रीसुत नकुलमें आसक्त दुराचारिणी ! ठीक है, तेरी सारी काली करतूत मुझे मालूम हो गई । अरी पापचित्ते ! इसीलिए आज प्रभातमें ही तू एकान्त स्थानमें चली आई थी । (कुछ सोचकर) बस ! बस !! 'हमारे (कौरवोंके) दुश्मन माद्रीसुत नकुलने हाथ फैलाकर स्तनावरण हटा दिया ! आ: पाप- चित्ते ! मेरी इज्जत भी पाण्डवोंसे बर्बाद हो गयी । बस ! अब अधिक सोचने और सुननेकी आवश्यकता नहीं ?' तलवार खींचकर ज्यों ही आगे बढ़े कि महारानीकी आवाज फिर सुनाई पड़ी । महारानीने कहा-'सखि ! इसके अनन्तर सवेरा हो गया और आर्यपुत्रके उद्बोधनके निमित्त प्रभात-

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