१०८ उपनिषद् (साधना खण्ड - भाग ३)

१०८ उपनिषद् (साधना खण्ड - भाग ३)
108 Upanishads Part 3 - Sadhana Khand
पण्डित श्रीराम शर्मा आचार्य द्वारा
स्रोत: संस्कृति संस्थान बरेली · संस्कृति संस्थान बरेली (उद्गम)
DevanagariSanskritpublished572 पृष्ठ
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गरुडोपनिषत् ] [ ४४७ जो इस ब्रह्मविद्या का अमावस्या के दिन अध्ययन करता है उसे सारे जीवन भर साँप नहीं काटते आठ ब्राह्मणों को ग्रहण करवा कर तिनके से, सौ ब्राह्मणों को बतलाकर आँख से, हजार ब्राह्मणों को बतला कर मन से ही विष को मुक्त किया जा सकता है। सर्पकुण्डली तिनके तथा काठ पर स्थित होने से विषमुक्त नहीं होता। ॥ गरुडोपनिषत् समाप्त ॥