१०८ उपनिषद् (साधना खण्ड - भाग ३)
108 Upanishads Part 3 - Sadhana Khand
पण्डित श्रीराम शर्मा आचार्य द्वारा
स्रोत: संस्कृति संस्थान बरेली · संस्कृति संस्थान बरेली (उद्गम)
पृष्ठ 473, कुल 572 में से
संदर्भ में पढ़ेंसावित्र्युपनिषत् ] [ ४६५
स यत्र स्तनयित्नुस्तद्विद्युत् यत्र वा विद्युत्त स्तनयित्नुस्ते द्वे योनिस्तदेकं मिथुनम् ॥ ५ ॥ कः सविता का सावित्री ? आदित्य एव सविता द्यौः सावित्री स यत्रादित्यस्तद् द्यौर्यत्र वा द्यौस्तदादि- त्यस्ते द्वे योनिस्तदेकं मिथुनम् ॥ ६ ॥ कः सविता का सावित्री ? चन्द्र एव सविता नक्षत्राणि सावित्री स यत्र चन्द्रस्तन्नक्षत्राणि यत्र वा नक्षत्राणि स चन्द्रमास्ते द्वे योनिस्तदेकं मिथुनम् ॥ ७ ॥ कः सविता का सावित्री ? मन एव सविता वाक् सावित्री स यत्र वा मनस्तद्वाक् यत्र वा वाक् तन्मनस्ते द्वे योनिस्तदेकं मिथु- नम् ॥ ८ ॥ कः सविता का सावित्री ? पुरुष एव सविता स्त्री सावित्री स यत्र पुरुषस्तत् स्त्री यत्र वा स्त्री तत् पुरुषस्ते द्वे योनिस्तदेकं मिथुनम् ॥ ९ ॥
सविता किसे कहते और सावित्री किसे ? अग्नि सविता और पृथिवी सावित्री हैं। जहाँ अग्नि हैं वहीं पृथिवी हैं और जहाँ पृथिवी हैं वहाँ अग्नि हैं । वे दोनों योनि अर्थात् संसार के जन्मदाता हैं, वे दोनों एक युग्म हैं । सविता किसे कहते हैं और सावित्री किसे ? वरुण देव ही सविता हैं और जल ही सावित्री, जहाँ वरुण देवता हैं वहीं जल है और जहाँ जल है वहीं वरुण देवता हैं । दोनों योनि अर्थात् संसार के उत्पत्ति- कर्ता हैं । वे दोनों एक युग्म हैं । सविता किसे कहते हैं और सावित्री किसे ? वायु सविता हैं और आकाश सावित्री । जहाँ वायु देव हैं वहीं आकाश है । जहाँ आकाश है वहीं वायु देव हैं । ये दोनों योनि हैं, एक युग्म हैं । सविता किसे कहते हैं और सावित्री किसे ? यज्ञ देव सविता हैं और छन्द सावित्री । जहां यज्ञ देव हैं वहीं छन्द हैं । जहाँ छन्द हैं वहीं यज्ञ देव हैं । वे दोनों योनि हैं एक युग्म हैं । सविता किसे कहते हैं और सावित्री किसे ? गरजन करने वाले बादल सविता हैं और विद्युत सावित्री । जहाँ गरजन करने वाले बादल हैं वहीं विद्युत हैं । जहाँ