१८५७ का स्वातंत्र्य समर (वीर विनायक दामोदर सावरकर)
1857: The Indian War of Independence by Veer Savarkar
विनायक दामोदर सावरकर (वीर सावरकर) द्वारा
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संदर्भ में पढ़ेंप्रकरण-3 बिहार वायव्य प्रांत, इलाहाबाद, आगरा की भूमि पर जो स्वतंत्रता की हवा भरी थी उसके संचार से बिहार और उसकी राजधानी पटना शहर अछूता नहीं रहा था। पटना के साथ ही बिहार के गया, आरा, छपरा, मोतिहारी और मुजफ्फरपुर मुख्य शहर थे और इनकी सुरक्षा के लिए रख गया लश्कर पटना के पास दानापुर छावनी में रहता था। 7वीं, 8वीं और 40वीं नेटिव पैदल रेजिमेंट और नेटिव सेना को नियंत्रण में रखने के लिए मेजर जनरल लॉइड के अधीन नेटिव घुड़सवारों की 12वीं रेजिमेंट भी पास के शहर में ही थी। पटना शहर मुसलमान धर्म की वहाबी नामक कट्टर जाति का इतिहास-प्रसिद्ध केंद्र था। उस शहर को सन् 1857 की हवा लगे बिना नहीं रहेगी, ऐसा वहां के अंग्रेज कमिश्नर टेलर को पूरा विश्वास होने से वह उस जाति के नेताओं पर निरंतर आंख गड़ाए हुए था। अंग्रेजी शासन बहुत बुरा लगने से पटना शहर ने अंग्रेजी राज पलट देने के लिए गुप्त समिति बनाई हुई थी। इस गुप्त समिति में बड़े-बड़े श्रीमान, व्यापारी, कोठीवाले, जमींदार आदि लोग सम्मिलित थे जिसके फलस्वरूप राज्य क्रांति का कार्य सिद्ध करने के लिए उस समिति के प्रमुख थे और उनके प्रयासों को धर्म की पवित्रता और गंभीरता प्राप्त हो गई थी। लखनऊ की क्रांति समिति और दानापुर आदि शहर में रह रहे सिपाहियों की 1857 का स्वातंत्र्य समर - 259