अभिज्ञानशाकुन्तलम् (सन्दर्भदीपिका टीका व हिन्दी अनुवाद सहित)

अभिज्ञानशाकुन्तलम् (सन्दर्भदीपिका टीका व हिन्दी अनुवाद सहित)
Abhijnanashakuntalam of Kalidasa Hindi
महाकवि कालिदास द्वारा
स्रोत: Abhijnanashakuntalam with Sandarbhadipika Tika & Hindi Translation (उद्गम)
DevanagariHindipublished262 पृष्ठ
पृष्ठ 256, कुल 262 में से
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242 चन्द्रशेखरचक्रवर्तिकृतसन्दर्भदीपिकया समलङ्कृतम्
| सं० | चन्द्रशेखरेण निर्दिष्टाः श्लोकाः।। | अङ्कः | क्रमः | पृष्ठांकः |
|---|---|---|---|---|
| 144 | प्रागेव जरसा कम्पः सविशेषेण० | 6 | 30 | 216 |
| 145 | प्राणानामनिलेन वृत्तिरुचिता० | 7 | 12 | 223 |
| 146 | प्राहूर्द्वादशधा स्थितस्य मुनयो० | 7 | 27 | 232 |
| 147 | बाष्पेन प्रतिषिद्धे पि जयशब्दे० | 7 | 23 | 230 |
| 148 | भव हृदय साभिलाषं संप्रति० | 1 | 28 | 116 |
| 149 | भवनेषु सुधासितेषु पूर्वं क्षिति० | 7 | 20 | 227 |
| 150 | भवन्ति नम्रास्तरवः फलोद्गमै० | 5 | 13 | 180 |
| 151 | भानुः सकृद्युक्ततुरंग एव० | 5 | 4 | 176 |
| 152 | भूत्वा चिराय सदिगन्तमही० | 4 | 22 | 172 |
| 153 | मणिबन्धनगलितमिदं संक्रान्तो० | 3 | 31 | 149 |
| 154 | मनोरथाय नाशंसे किं बाहो० | 7 | 13 | 224 |
| 155 | मय्येव विस्मरणदारुणचित्तवृत्तौ० | 5 | 25 | 187 |
| 156 | महतस्तेजसो बीजं बालो यं० | 7 | 15 | 225 |
| 157 | महाभागः कामं नरपतिरभिन्न० | 5 | 11 | 180 |
| 158 | मानुषीभ्यः कथं नु स्यादस्य० | 1 | 26 | 115 |
| 159 | मुक्तेषु रश्मिषु निरायतपूर्व० | 1 | 8 | 100 |
| 160 | मुनिसुताप्रणयस्मृतिरोधिना० | 6 | 8 | 201 |
| 161 | मुहुरङ्गुलिसंवृत्ताधरोष्ठं० | 3 | 38 | 153 |
| 162 | मूढः स्यामहमेषा वा वदेन्मिथ्येति० | 5 | 32 | 189 |
| 163 | मेदश्छेदकृशोदरं लघु भवत्यु० | 2 | 5 | 124 |
| 164 | मोहान्मया सुतनु पूर्वं० | 7 | 25 | 231 |
| 165 | यतो यतः षट्चरणो भिवर्तते० | 1 | 23 | 110 |
| 166 | यथा गजे साधुसमक्षरूपे० | 7 | 31 | 233 |
| 167 | यदालोके सूक्ष्मं व्रजति सहसा० | 1 | 9 | 101 |
| 168 | यदि यथा वदति क्षितिपस्तथा० | 5 | 30 | 189 |
| 169 | यदुत्तिष्ठति वर्णेभ्यो नृपाणां० | 2 | 14 | 129 |
| 170 | यद्यत्साधु न चित्रे स्मिन्० | 6 | 17 | 207 |
| 171 | ययातेरिव शर्मिष्ठा पत्युर्बहुमता० | 4 | 9 | 166 |
| 172 | यस्य त्वया व्रणविरोहरणम्० | 4 | 16 | 169 |
| 173 | या सृष्टिः स्रष्टुराद्या वहति विधिहुतं० | 1 | 1 | 95 |