अध्यात्म रामायण

अध्यात्म रामायण
Adhyatma Ramayana
महर्षि वेदव्यास (टीकाकार: मुनीलाल) द्वारा
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क्रीडा-विपिनमें श्रीराम-सीता
लसत केलिवनबीच सिय-सियपिय-जोरी सुभग।
उमगत आनंद-वीचि उर-अम्बुधि छवि-ससि निरखि ॥