भारतकोश
अध्यात्म रामायण

अध्यात्म रामायण

Adhyatma Ramayana

महर्षि वेदव्यास (टीकाकार: मुनीलाल) द्वारा

DevanagariHindipublished423 पृष्ठ

पृष्ठ 359, कुल 423 में से

संदर्भ में पढ़ें
पृष्ठ 359

क्रीडा-विपिनमें श्रीराम-सीता

लसत केलिवनबीच सिय-सियपिय-जोरी सुभग।
उमगत आनंद-वीचि उर-अम्बुधि छवि-ससि निरखि ॥