अध्यात्म रामायण
Adhyatma Ramayana
महर्षि वेदव्यास (टीकाकार: मुनीलाल) द्वारा
पृष्ठ 421, कुल 423 में से
संदर्भ में पढ़ें( ४ )
अन्य ग्रन्थ
श्रीश्रीचैतन्य-चरितावली (खण्ड १)—(सचित्र) श्रीचैतन्यकी इतनी बड़ी जीवनी अभीतक हिन्दीमें नहीं निकली। यह पाँच खण्डोंमें सम्पूर्ण होगी। बहुत ही सुन्दर ग्रन्थ है। मूल्य |||=) सजिल्द १=)
श्रीएकनाथ-चरित्र—(सचित्र) दक्षिणाके महान् भगवद्भक्तकी यह जीवनी अलौकिक है। भगवान् स्वयं आपके नौकर थे, पढ़ने योग्य है। मू० ||)
श्रीरामकृष्ण परमहंस—(सचित्र) आप कुछ ही दिन पहले अत्यन्त प्रसिद्ध भगवद्भक्त हो गये हैं। आपका नाम विलायत और अमेरिकातक प्रसिद्ध है। इस पुस्तकमें ३०० उपदेश भी संग्रहीत हैं मूल्य |=)
भक्त-भारती—(७ चित्र) सरल कवितामें सात भक्तोंकी सुन्दर रोचक कथाओंका वर्णन है, सबके लिये सुगम है। मूल्य ... |=)
श्रीमद्भागवत एकादश स्कन्ध—सचित्र-सटीक, भागवतमें दशम और एकादश स्कन्ध सर्वोपरि हैं। लगभग ४२० पेजकी पुस्तकका दाम केवल |||) स० १)
विवेक-चूड़ामणि—(सचित्र) मूल श्लोक और हिन्दी-अनुवाद पृष्ठ २२४, मू० |=) स० ... ||=)
प्रबोध-सुधाकर—(सचित्र) विषय-भोगोंकी तुच्छता और आत्मसिद्धिके उपाय बताये गये हैं, =)||
अपरोक्षानुभूति—(सचित्र) मूल श्लोक और हिन्दी-अनुवाद-सहित, मू० ... =)||
**मनुस्मृति—**केवल दूसरा अध्याय और उसका हिन्दी-अनुवाद, मू० ... -)||
**विष्णुसहस्रनाम—**मूल्य ||| सजि० -)||
**हरेरामभजन—**मूल्य ... )III
**पातञ्जलयोगदर्शन—**मूल ... )।
**बलिवैश्वदेवविधि—**मूल्य ... )||
**प्रश्नोत्तरी—**इसमें भी मूल श्लोकोंसहित हिन्दी-अनुवाद है, मू० ... )||
**सन्ध्या—**हिन्दी-विधि-सहित, मू० ... )||
नयी पुस्तकें—
**अध्यात्मरामायण—**आपके हाथमें है। इसकी विशेषताएँ देखिये। संस्कृत श्लोकोंका अर्थ इस ढंगसे रक्खा गया है कि समझनेमें सुगमता हो। हो सके तो एक पुस्तक लेकर घर-परिवारके सब लोगोंको सुनाइये।
श्रीश्रीचैतन्य-चरितावली दूसरा खण्ड—(कई तिरंगे, दुरंगे, इकरंगे चित्रोंसहित ।) बहुत शीघ्र प्रकाशित होनेकी आशा है। श्रीचैतन्यदेवकी इतनी बड़ी ऐसी सुन्दर जीवनी हिन्दीमें अभीतक नहीं छपी। आपने पहला खण्ड देखा होगा, नहीं तो दोनोंके लिये साथ ही आर्डर देकर एक-एक प्रति मँगा लीजिये। दूसरे भागकी पृष्ठ-संख्या लगभग ४५० होगी। उपन्यास आदिके पढ़नेमे समय बचाकर महान् पुरुषोंकी जीवनियाँ पढ़नेमें बहुत लाभ प्रतीत होता है।
**रामगीता सटीक—**इसमें श्रीरामचन्द्रजीने लक्ष्मणजीको ज्ञानका विषय उत्तम रीतिसे समझाया है। छपाई सुन्दर है, मूल्य ... -)
**दिनचर्या—**इस पुस्तकका विषय नामसे ही प्रकट है। हिन्दू-संस्कृतिके अनुसार सबेरे आँख खुलनेसे रात्रिको सो जानेतक किस भाव और क्रियासे जीवन व्यतीत करना चाहिये, यह बताया है, साथ ही ब्रह्मचर्य, गृहस्थ आदि आश्रमोंके कुछ धर्म-नियम, स्वास्थ्यके नियम-साधन, ध्यान-प्राणायाम विषयकी बातें भी बतायी हैं। नित्य-पाठके उपयुक्त कई स्तोत्र मूल और सटीक और तुलसीदासजी, सूरदासजी आदि कई भक्तोंके भजन भी दिये गये हैं। पुस्तक शीघ्र प्रकाशित होनेकी आशा है।
तत्त्व-चिन्तामणि द्वितीय भाग—(सचित्र) ले० श्रीजयदयालजी गोयन्दका। इसका पहला भाग आपने देखा होगा। इसमें मनुष्य-कर्तव्य, भगवान्की प्राप्तिके विविध उपाय, सन्ध्या, बलिवैश्वदेव और यज्ञोंको प्रणाम करनेकी आवश्यकता इत्यादि परमार्थ-सम्बन्धी बहुत-से लेखोंका संग्रह है।
**श्रीविष्णुपुराण भाषाटीकासहित—**यह अठारह पुराणोंमेंसे एक है। यह प्रसिद्ध और अत्यन्त उपयोगी धर्मग्रन्थ है। इसके विषयमें अधिक क्या लिखें। इसकी छपाई अध्यात्मरामायणके ढंगसे ही हो रही है।
**विष्णुसहस्रनाम—**भगवान् विष्णुके सहस्र नामोंका श्रीशंकराचार्यजीने विस्तृत व्याख्या की है। उसीका यह भाष्यसहित सरल हिन्दी-अनुवाद प्रकाशित किया जायगा। भक्तोंके लिये यह बहुत ही उत्तम और सुन्दर, सचित्र ग्रन्थ होगा।
**ब्रजपरिचय (सचित्र)—**लेखक गोस्वामी लक्ष्मणायचार्यजी। इसमें ब्रजके मुख्य-मुख्य स्थानोंके विवरण सुन्दर ढंगसे रहेंगे, ब्रज-प्रेमियोंके लिये बड़े कामकी चीज़ होगी।