भारतकोश
अग्नि पुराण

अग्नि पुराण

Agni Purana

महर्षि वेदव्यास द्वारा

स्रोत: Gita Press Gorakhpur · Gita Press Gorakhpur (उद्गम)

DevanagariHindipublished878 पृष्ठ

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॥ श्रीहरिः ॥

विषय-सूची

अध्यायविषयपृष्ठ-संख्याअध्यायविषयपृष्ठ-संख्या
अग्निपुराणका संक्षिप्त परिचय११–१६२५-वासुदेव, संकर्षण आदिके मन्त्रोंका निर्देश तथा एक व्यूहसे लेकर द्वादश व्यूहतकके व्यूहोंका एवं पञ्चविंश और षड्विंश व्यूहका वर्णन ...............................................४५
१-मङ्गलाचरण तथा अग्नि और वसिष्ठके संवादरूपसे अग्निपुराणका आरम्भ .................
२-मत्स्यावतारकी कथा ........................................२६-मुद्राओंके लक्षण ..........................................४८
३-समुद्र-मन्थन, कूर्म तथा मोहिनी-अवतारकी कथा२७-शिष्योंको दीक्षा देनेकी विधिका वर्णन ...........४९
४-वराह, नृसिंह, वामन और परशुराम-अवतारकी कथा ............................................२८-आचार्यके अभिषेकका विधान .........................५३
५-श्रीरामावतार-वर्णनके प्रसङ्गमें रामायण-बालकाण्डकी संक्षिप्त कथा ..............................२९-मन्त्र-साधन-विधि, सर्वतोभद्रादि मण्डलोंके लक्षण .......................................................५४
६-अयोध्याकाण्डकी संक्षिप्त कथा ...........................३०-भद्रमण्डल आदिकी पूजन-विधिका वर्णन ......५७
७-अरण्यकाण्डकी संक्षिप्त कथा ...........................११३१-‘अपामार्जन-विधान’ एवं ‘कुशापामार्जन’ नामक स्तोत्रका वर्णन ................................५९
८-किष्किन्धाकाण्डकी संक्षिप्त कथा .....................१३३२-निर्वाणादि-दीक्षाकी सिद्धिके उद्देश्यसे सम्पादनीय संस्कारोंका वर्णन ..........................६३
९-सुन्दरकाण्डकी संक्षिप्त कथा ............................१४३३-पवित्रारोपण, भूतशुद्धि, योगपीठस्थ देवताओं तथा प्रधान देवताके पार्षद—आवरणदेवोंकी पूजा ...........................................................६४
१०-युद्धकाण्डकी संक्षिप्त कथा ............................१६
११-उत्तरकाण्डकी संक्षिप्त कथा ...........................१८३४-पवित्रारोपणके लिये पूजा-होमादिकी विधि ....७०
१२-हरिवंशका वर्णन एवं श्रीकृष्णावतारकी संक्षिप्त कथा .............................................१९३५-पवित्राधिवासन-विधि ....................................७३
१३-महाभारतकी संक्षिप्त कथा ...............................२३३६-भगवान् विष्णुके लिये पवित्रारोपणकी विधि ....७५
१४-कौरव और पाण्डवोंका युद्ध तथा उसका परिणाम ....................................................२५३७-संक्षेपसे समस्त देवताओंके लिये साधारण पवित्रारोपणकी विधि ...................................७६
१५-यदुकुलका संहार और पाण्डवोंका स्वर्गगमन ....२७३८-देवालय-निर्माणसे प्राप्त होनेवाले फल आदिका वर्णन ..........................................................७७
१६-बुद्ध और कल्कि-अवतारोंकी कथा ...................२८३९-विष्णु आदि देवताओंकी स्थापनाके लिये भूपरिग्रहका विधान ......................................८०
१७-जगत्की सृष्टिका वर्णन ................................२८४०-वास्तुमण्डलवर्ती देवताओंके स्थापन, पूजन, अर्घ्यदान तथा बलिदान आदिकी विधि .........८१
१८-स्वायम्भुव मनुके वंशका वर्णन .......................२९
१९-कश्यप आदिके वंशका वर्णन ..........................३२४१-शिलान्यासकी विधि ....................................८३
२०-सर्गका वर्णन ...............................................३३४२-प्रासाद-लक्षण-वर्णन ....................................८६
२१-विष्णु आदि देवताओंकी सामान्य पूजाका विधान .......................................................३५४३-मन्दिरके देवताकी स्थापना और भूतशान्ति आदिका कथन ............................................८७
२२-पूजाके अधिकारकी सिद्धिके लिये सामान्यतः स्नान-विधि ................................................३७४४-वासुदेव आदिकी प्रतिमाओंके लक्षण .............८९
२३-देवताओं तथा भगवान् विष्णुकी सामान्य पूजा-विधि ...................................................३८४५-पिण्डिका आदिके लक्षण ...............................९२
२४-कुण्ड-निर्माण एवं अग्नि-स्थापन-सम्बन्धी कार्य आदिका वर्णन .....................................३९