ऐतरेय ब्राह्मण (ऋग्वेद - हिन्दी अनुवाद सहित)

ऐतरेय ब्राह्मण (ऋग्वेद - हिन्दी अनुवाद सहित)
Rigvediya Aitareya Brahmana with Hindi Translation
महिदास ऐतरेय / पं. गंगाप्रसाद उपाध्याय द्वारा
स्रोत: हिन्दी साहित्य सम्मेलन प्रयाग · हिन्दी साहित्य सम्मेलन प्रयाग · 1950 (उद्गम)
DevanagariSanskritpublished592 पृष्ठ
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६२८ [ पाँचवीं पञ्चिका “अग्ने मृडमहाँ असि” ( ऋ० ४६ ) इसमें 'महद्' आया है । यह आठवें दिन का रूप है । यह सब गायत्री छन्द में हैं, इस त्र्यह के तीसरे सवन का वाहक छन्द गायत्री है । ( ४ ) ऐतरेय ब्राह्मण की पाँचवीं पञ्चिका का तीसरा अध्याय समाप्त हुआ ।