भारतकोश
ऐतरेय ब्राह्मण (ऋग्वेद - हिन्दी अनुवाद सहित)

ऐतरेय ब्राह्मण (ऋग्वेद - हिन्दी अनुवाद सहित)

Rigvediya Aitareya Brahmana with Hindi Translation

महिदास ऐतरेय / पं. गंगाप्रसाद उपाध्याय द्वारा

स्रोत: हिन्दी साहित्य सम्मेलन प्रयाग · हिन्दी साहित्य सम्मेलन प्रयाग · 1950 (उद्गम)

DevanagariSanskritpublished592 पृष्ठ

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पहला अध्याय ] ३६१ स्त्रियों में वीर्य धारण कराता है और प्रजा और पशु से युक्त होता है । दक्षिणा के बाद सुब्रह्मण्या समाप्त हो जाती है। वाक् ही सुब्रह्मण्या है। दक्षिणा अन्न है। इस प्रकार यज्ञ को अन्त में अन्न अर्थात् वाणी में स्थापित करते हैं। (३) ऐतरेय ब्राह्मण की छठी पञ्चिका का पहला अध्याय समाप्त हुआ।