ऐतरेयोपनिषद् (शाङ्करभाष्य सहित)
Aitareya Upanishad with Shankara Bhashya
आदि शङ्कराचार्य द्वारा
स्रोत: Gita Press Gorakhpur · Gita Press, Gorakhpur (उद्गम)
[ २ ] स इमाँल्लोकानसृजत ... १ १ २ २७ स ईक्षत कथं न्विदम् ... १ ३ ११ ४७ स ईक्षतेमे नु लोकाः ... १ १ ३ ३० स ईक्षतेमे नु लोकाश्च ... १ ३ १ ४२ स एतमेव सीमानम् ... १ ३ १२ ५० स एतेन प्रज्ञेनात्मना ... ३ १ ४ ९३ स एवं विद्वानस्मात् ... २ १ ६ ८० स जातो भूतान्यभिव्यैख्यत् ... १ ३ १३ ५३ सा भावयित्री ... २ १ ३ ७४ सोऽपोऽभ्यतपत् ... १ ३ २ ४३ सोऽस्यायमात्मा ... २ १ ४ ७७
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॥ श्रीहरिः ॥ गीताप्रेस, गोरखपुरसे प्रकाशित उपनिषद् ईशादि नौ उपनिषद् अन्वय, हिंदी व्याख्यासहित ईशावास्योपनिषद् हिंदी अनुवाद शांकर भाष्यसहित केनोपनिषद् (,, ,,) कठोपनिषद् (,, ,,) माण्डूक्योपनिषद् (,, ,,) मुण्डकोपनिषद् (,, ,,) प्रश्नोपनिषद् (,, ,,) तैत्तिरीयोपनिषद् (,, ,,) ऐतरेयोपनिषद् (,, ,,) श्वेताश्वतरोपनिषद् (,, ,,)