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अमनस्क योग (गुरु गोरखनाथ - सहज समाधि, तारक योग एवं मनोलय विज्ञान सटीक)

अमनस्क योग (गुरु गोरखनाथ - सहज समाधि, तारक योग एवं मनोलय विज्ञान सटीक)

Amanaska Yoga with Intro by MM Gopinath Kaviraj

गुरु गोरखनाथ (भूमिका: महामहोपाध्याय गोपीनाथ कविराज) द्वारा

DevanagariHindipublished128 पृष्ठ

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[ २० ] गोरक्षपद्धति, योगसिद्धान्तपद्धति और सिद्धान्तपद्धति नामक अनेक नामान्तर और रूपान्तर हैं। गोरक्षपद्धति में इसे गोरक्षसंहिता भी कहा गया है। अतः व्रिग्स ने अनुमान लगाया है कि गोरक्षशतक इस संप्रदाय का मूलग्रन्थ है। इसे प्रमाण और परम्पराएं गोरक्ष- नाथकृत मानती हैं तथा इसे १२ वीं शताब्दी की रचना स्वीकार करती हैं। लेकिन गोरक्षसंहिता, जो आजकल अनुपलब्ध है और गोरक्षपद्धति का तुलनात्मक अध्ययन करने से यह बात साफ हो जाती है कि गोरक्षसंहिता अपेक्षाकृत अधिक प्राचीन है। गोरक्ष- पद्धति गोरक्षसंहिता के बहुत बाद का ग्रन्थ मालूम होता है। ऐसा मालूम होता है कि गोरक्षपद्धति का संग्राहक गोरक्षसंहिता और हठयोगप्रदीपिका दोनों को अपना आधार मानता है। गोरक्षपद्धति में गोरक्षसंहिता का उल्लेख कई बार हुआ है। अतः गोरक्षपद्धति एक स्वतन्त्र ग्रन्थ है। गोरक्षशतक के समान ही सिद्धसिद्धान्तपद्धति भी एक महत्वपूर्ण ग्रन्थ है। इस ग्रन्थ के आधार पर आगे चलकर सिद्धसिद्धान्तसंग्रह और गोरक्षसिद्धान्तसंग्रह जैसे ग्रन्थ बने बताये जाते हैं। इन ग्रन्थों में सिद्धसिद्धान्तपद्धति के उद्धरण भी मिलते हैं। अमरौधशासनम् और महार्थमंजरी ग्रन्थ भी गोरक्षकृत ही माने जाते हैं और विभिन्न दृष्टियों से महत्वपूर्ण हैं। शैवागमों से शैवनाथ मत का सम्बन्ध- निरूपण करने के लिए "अमरौघशासनम्" महत्वपूर्ण ग्रंथ है। इस ग्रन्थ की रचनातिथि तथा लिपिकाल अज्ञात हैं। सांख्ययोग, काश्मीर शैवमत और तंत्रदर्शन के ३६ तत्वों के साथ सम्बन्ध-विचार के लिए महार्थमंजरी विचारणीय ग्रन्थ है। भाषा की दृष्टि से भी इसका महत्व कम नहीं है। कुछ लोग इसकी भाषा काश्मीरी अपभ्रंश मानते हैं। इन आधारों पर दार्शनिक, साधनात्मक तथा सांप्रदायिक धारा के विवेचन की दृष्टि से गोरक्षनाथ की ये चार रचनाएँ बहुत महत्वपूर्ण और प्रामाणिक मानी जा सकती हैं—(१) सिद्धसिद्धान्त- पद्धति, (२) महार्थमंजरी, (३) गोरक्षसंहिता, (४) अमरौध- शासनम्। डा० हजारी प्रसाद द्विवेदी ने सूचित किया है कि अमनस्क नामक ग्रन्थ की एक प्रति बड़ौदा लाइब्रेरी में है और गोरक्षसिद्धांत-