भारतकोश
श्रीमदानन्द रामायण (९ काण्ड संपूर्ण - हिन्दी अनुवाद सहित)

श्रीमदानन्द रामायण (९ काण्ड संपूर्ण - हिन्दी अनुवाद सहित)

Srimad Ananda Ramayana Hindi

महर्षि वाल्मीकि / अज्ञात द्वारा

स्रोत: Srimad Ananda Ramayana Complete 9 Kandas with Hindi Translation (उद्गम)

DevanagariHindipublished811 पृष्ठ

पृष्ठ 177, कुल 811 में से

संदर्भ में पढ़ें
पृष्ठ 177

॥ श्रीरामचन्द्रो विजयतेतराम् ॥

श्रीवाल्मीकिमहामुनिकृतशतकोटिरामचरितान्तर्गतं

आनन्दरामायणम्

'ज्योत्स्ना'ऽऽह्वया भाषाटीकयाऽऽटीकितम्


यात्राकाण्डम्

प्रथमः सर्गः

( रामायणकी उत्पत्तिका वृत्तान्त )

श्रीपार्वत्युवाच

सारकाण्डं त्वया शंभो कीर्तितं बहुपुण्यदम् । मया श्रुतं तु पृच्छामि यत्तद्वक्तुं त्वमर्हसि ॥ १ ॥
कथं कृता वाजिमेधा राघवेण बलीयसा । रामादीनां चतुर्णां हि बन्धूनां सन्ततिं वद ॥ २ ॥
स्वपुत्रबन्धुपुत्राश्च कथं स्त्रीभिः सुयोजिताः । दशवर्षसहस्राणि दशवर्षशतानि च ॥ ३ ॥
तथैकादश वर्षाणि त्रेतायुगमदानि हि । राज्यं कृतं त्वया प्रोक्तं विस्तराद्ब्रूस्व माम् ॥ ४ ॥
यानि यानि चरित्राणि राघवेण कृतानि हि । तानि तानि हि कृत्स्नानि विस्तराद्वक्तुमर्हसि ॥ ५ ॥

इति देविवचः श्रुत्वा शंभुस्तां पुनरब्रवीत् ।

श्रीमहादेव उवाच

सम्यक् पृष्टं त्वया देवि राघवस्य कथानकम् ॥ ६ ॥
ममापि हर्षः संजातस्तद्वदामि तवान्तिकम् । चरितं रघुनाथस्य शतकोटिप्रविस्तरम् ॥ ७ ॥
एकैकमक्षरं पुंसां महापातकनाशनम् । वाल्मीकिना कृतं पूर्वमेकदा तद्वदामि ते ॥ ८ ॥


श्रीगणेशाय नमः ॥ श्रीपार्वतीजी बोलीं—हे शम्भो ! आपने अतिपुण्यदायक सारकाण्डकी जो कथा कही, सो मैंने सुनी परन्तु अब मैं जो आपसे पूछती हूँ, वह कृपा करके कहें ॥ १ ॥ बलवान् रामने अश्वमेधयज्ञ किस प्रकार किये ? राम आदि चारों भाइयोंकी कौन-कौन-सी सन्ततियां हुईं ॥ २ ॥ रामने अपने पुत्रों तथा भाइयोंके पुत्रोंका किस प्रकार और कौन-कौन-सी स्त्रियोंके साथ विवाह किया ? आपने कहा है कि रामने त्रेतायुगमें ग्यारह हजार ग्यारह वर्ष पर्यन्त राज्य किया था । अतएव ये सब बातें विस्तारपूर्वक कहें ॥ ३ ॥ ४ ॥ रामने जो जो चरित्र किये हों, वे सब आपके द्वारा सविस्तार कहनेके योग्य हैं ॥ ५ ॥ देवीके इस वचनको सुनकर शम्भुने कहा। श्रीमहादेवजी बोले—हे देवि ! तुमने बहुत अच्छा किया कि जो रामकी कथा पूछी ॥ ६ ॥ इससे प्रसन्न होकर मैं तुमको रघुनाथजीका सौ करोड़ श्लोकोंमें कहा हुआ चरित्र सुनाता हूँ । ७ ॥ जिसका कि एक-एक अक्षर पुरुषोंके महान् पापोंको नष्ट करनेवाला है, वाल्मीकिने जो कार्य