भारतकोश
अणुभाष्य (महाप्रभु वल्लभाचार्य - शुद्धाद्वैत वेदान्त ब्रह्मसूत्र महाभाष्य प्रकाश टीका सहित)

अणुभाष्य (महाप्रभु वल्लभाचार्य - शुद्धाद्वैत वेदान्त ब्रह्मसूत्र महाभाष्य प्रकाश टीका सहित)

Anubhashya on Brahma Sutras by Mahaprabhu Vallabhacharya with Commentary

महाप्रभु वल्लभाचार्य (टीकाकार: गोस्वामी पुरुषोत्तम जी महाराज) द्वारा

DevanagariHindipublished2,600 पृष्ठ

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, भा, व. In L17: क, र्म, क, र्तृ, ... wait, it's "कर्मकर्तृभावेति"! Wait, is there a 'भा'? Yes, there is 'भा', then 'वे' (with e-matra), then 'ति'! Wait, look at the dot or repha: is it "कर्मकर्तृभावेति"? Let's look very closely: क - र्म - क - र्तृ - भा - वे - ति. Wait, does it have 'भावेति'? Let's count syllables: क(1)-र्म(2)-क(3)-र्तृ(4)-भा(5)-वे(6)-ति(7). Wait, in the image: ... स्पष्टाः । कर्मकर्तृभावेति यत्र त्वस्य सर्वमात्मैवाभूत् तत्केन कं पश्येदित्यत्र Wait, it really looks like "कर्मकर्तृभावेति" or "कर्मकर्त्रीति"? Actually, between र्तृ and ति there are two letters or one? It looks like "कर्मकर्त्रीति" or "कर्मकर्तृभावेति". Let's look at the space: "स्पष्टाः । कर्मकर्तृभावेति यत्र" -> it fits 6-7 letters! Wait, look at the letters: क (ka) र्म (rma) क (ka) र्तृ (rtṛ) भा (

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