भारतकोश
अणुभाष्य (महाप्रभु वल्लभाचार्य - शुद्धाद्वैत वेदान्त ब्रह्मसूत्र महाभाष्य प्रकाश टीका सहित)

अणुभाष्य (महाप्रभु वल्लभाचार्य - शुद्धाद्वैत वेदान्त ब्रह्मसूत्र महाभाष्य प्रकाश टीका सहित)

Anubhashya on Brahma Sutras by Mahaprabhu Vallabhacharya with Commentary

महाप्रभु वल्लभाचार्य (टीकाकार: गोस्वामी पुरुषोत्तम जी महाराज) द्वारा

DevanagariHindipublished2,600 पृष्ठ

पृष्ठ 1213, कुल 2600 में से

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पृष्ठ 1213

सा - [?] - द्वी - ति or म्प्र - ती - ति? Wait, line 4 says: "तस्या असाधुत्वमत्र प्रतिपाद्यते"! Line 15: "आहोस्विदसाधुत्वम्"! Line 19: "सृष्टेरसाधुत्वप्रतिषेधमात्रत्वादिति"! Now line 22: "एवं चासती आत्मसृष्टेरसाध्वीति फलितम्"! Look at the letters: अ (a) सा (sā) ध्वी (dhvī) - look at ध joined with व, with dirgha ī: ध्वी! ति (ti)! It is definitely "असाध्वीति" (asādhvīti)! Because 'सती' vs 'असती', so 'साध्वी' vs 'असाध्वी'! "एवं चासती आत्मसृष्टेरसाध्वीति फलितम्"! And then: "तदेतदुक्तं वस्तुतस्त्वित्यारभ्य युक्तत्वादित्यन्तेन ।"

Let's read line 23: अत्रानृतमित्यान्तरकालिकसृष्टिवाती नृसिंहतापिनये च । सा तु न मायाद्वारा सृष्टिवाती । Wait, "सृष्टिवाती" or "सृष्टिवार्ता"? Look at the repha above ता: it is वार्ता! And in line 23: "अत्रानृतमित्यान्तर