भारतकोश
अणुभाष्य (महाप्रभु वल्लभाचार्य - शुद्धाद्वैत वेदान्त ब्रह्मसूत्र महाभाष्य प्रकाश टीका सहित)

अणुभाष्य (महाप्रभु वल्लभाचार्य - शुद्धाद्वैत वेदान्त ब्रह्मसूत्र महाभाष्य प्रकाश टीका सहित)

Anubhashya on Brahma Sutras by Mahaprabhu Vallabhacharya with Commentary

महाप्रभु वल्लभाचार्य (टीकाकार: गोस्वामी पुरुषोत्तम जी महाराज) द्वारा

DevanagariHindipublished2,600 पृष्ठ

पृष्ठ 1256, कुल 2600 में से

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पृष्ठ 1256

विवृण्वन्ति: स्म (sma) किं (kiṃ) च (ca) स (sa) इ (i) ति (ti) -> wait, 'स' then 'इति'? There is a space: "स्म किंच स इति ।" or "स्म किंच सेति ।"? Wait, look at line 31: "स्म किंच स इति ।" - no, the character after 'स' is 'इ' or is it 'का'? Wait! In Prakash line 15: "किंच । सकारणे..." Could it be "किंच सकारणेति"? Let's look at the letters after "किंच": स (sa) then: there is an anusvara? No: Let's trace: क (ka)? No. Wait, let's look at: "किंच सेति ।" Letters: किं - च - से - ति । Wait, look at 'से': it has an e-matra! Wait, is there a letter between 'स' and 'इति'? Ah! "किंच सेति" = "किंच" + "स" (from "स कारणे") + "इति" -> "सेति"! Like "किंच समिति" in line 30 was "किंच" + "सं" + "इति" = "किंच समिति"! Here: "किंच" + "स" + "इति"

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