भारतकोश
अणुभाष्य (महाप्रभु वल्लभाचार्य - शुद्धाद्वैत वेदान्त ब्रह्मसूत्र महाभाष्य प्रकाश टीका सहित)

अणुभाष्य (महाप्रभु वल्लभाचार्य - शुद्धाद्वैत वेदान्त ब्रह्मसूत्र महाभाष्य प्रकाश टीका सहित)

Anubhashya on Brahma Sutras by Mahaprabhu Vallabhacharya with Commentary

महाप्रभु वल्लभाचार्य (टीकाकार: गोस्वामी पुरुषोत्तम जी महाराज) द्वारा

DevanagariHindipublished2,600 पृष्ठ

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पृष्ठ 1265

एवकारः"! So the prateeka MUST end in एव (एवकार)! What word in the bhashya has एव? In line 23: "एवं लोकविरोधे परिहृतेऽत्रैव श्रुतिविरोधमाशङ्कते" -> "अत्रैव"!! Look at line 23: "परिहृतेऽत्रैव"! "अत्रैव" = अत्र + एव! Now look at the prateeka in line 34: त्रै वे ति = अत्रैवेति !! YES! अत्रैवेति! The letters are: अ (a) त्रै (trai - two slants on top, त्र below!) वे (ve) ति (ti) अत्रैवेति! And the commentary explains: "अत्रैवेति ब्रह्मणो जगत्कारणस्य एव । लोकविरोधपरिहारविषयादन्यव्यवच्छेदायैवकारः ॥ २६ ॥" That makes 1000% perfect sense! "अत्रैव इति । ब्रह्मणो जगत्कारणस्य एव [इत्यर्थः] ।"

*   ``:
    "1159" (or ११५९ in Devanagari numerals? In the