भारतकोश
अणुभाष्य (महाप्रभु वल्लभाचार्य - शुद्धाद्वैत वेदान्त ब्रह्मसूत्र महाभाष्य प्रकाश टीका सहित)

अणुभाष्य (महाप्रभु वल्लभाचार्य - शुद्धाद्वैत वेदान्त ब्रह्मसूत्र महाभाष्य प्रकाश टीका सहित)

Anubhashya on Brahma Sutras by Mahaprabhu Vallabhacharya with Commentary

महाप्रभु वल्लभाचार्य (टीकाकार: गोस्वामी पुरुषोत्तम जी महाराज) द्वारा

DevanagariHindipublished2,600 पृष्ठ

पृष्ठ 1694, कुल 2600 में से

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पृष्ठ 1694

-रश्मि-परिवृंहितम्). Wait, look at the moola bhashya at the top: It has: "किञ्च । रमणीययोनिः किमाकस्मिकी, सकारणा वा । नाद्या वेदवादिनाम्," Wait, where is "स्वकर्मणा"? Wait! Bhashyaprakasha is by Purushottamaji, and Rashmi is by Gopesvara! In Rashmi, does he say: "वक्तव्यमितिभाष्यं" or "...भाष्यं"? Wait, look at line 31: "पितृगणाः ।" then: 'व' 'स्ति' 'ति' 'भा' 'ष्यं'? No, 'व' 'स्त्वा' 'दी' 'ति'? Wait! Line 21 has: "वाक्यानुरोधाद्वस्वादिरूपता च वक्तव्या ।" Wait! Is it "वस्वादिणता" or "वस्वादिरूपतेति"? Wait, look at line 31: 'व' 'स्त्वा' 'दी' 'ति' 'भा' 'ष्यं'? No, look at the letters after 'पितृगणाः ।': 'व' 'स्ति' or 'क्ति'? Look at line 33: "प्रजामित्यादिभाष्यं विवृण्वन्ति स्म तथेति । वक्तव्यमिति ।" Look at line 34: "त्रैविद्येति

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