भारतकोश
अणुभाष्य (महाप्रभु वल्लभाचार्य - शुद्धाद्वैत वेदान्त ब्रह्मसूत्र महाभाष्य प्रकाश टीका सहित)

अणुभाष्य (महाप्रभु वल्लभाचार्य - शुद्धाद्वैत वेदान्त ब्रह्मसूत्र महाभाष्य प्रकाश टीका सहित)

Anubhashya on Brahma Sutras by Mahaprabhu Vallabhacharya with Commentary

महाप्रभु वल्लभाचार्य (टीकाकार: गोस्वामी पुरुषोत्तम जी महाराज) द्वारा

DevanagariHindipublished2,600 पृष्ठ

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पृष्ठ 1782

सर्वतोमुखत्वात्"? "सर्वतोमुखत्वात्" is preceded by "सूत्राणां सर्वतोमुखत्वात्"! Wait, look at the letters in line 24: "व द न्त ए वे ति । सू त्रा णां" Wait! Is that 'सूत्राणां'? स् + ऊ = सू. त् + र + आ = त्रा. ण + आ + ं = णां! Wait, look closely at line 24: Does it say "सूत्रार्था" or "सूत्राणां"? The second akshara is त्रा (trā). The third akshara is णां (ṇāṃ)! Wait, look: it has a vertical bar, with a hook like 'ण' and anusvara on top! Yes, "सूत्राणां"! "सूत्राणां सर्वतोमुखत्त्वादन्यार्थ..." Yes! That is the exact maxim: "सूत्राणां सर्वतोमुखत्वात्"! Beautiful!

Let's check line 25: सर्वतोमुखत्त्वादन्यार्थवदनयोगव्यवच्छेदकैवकारः । त्रिवृदित्यादि । 'अग्नेराप' इति श्रुतेर्जलसमवायिनि- Wait, "श्रुतेर्जलसमवायिनि-"? Wait, at line 26: What follows "श्रुतेर्जलसमवायिनि-"? Look at line 26 start: