भारतकोश
अणुभाष्य (महाप्रभु वल्लभाचार्य - शुद्धाद्वैत वेदान्त ब्रह्मसूत्र महाभाष्य प्रकाश टीका सहित)

अणुभाष्य (महाप्रभु वल्लभाचार्य - शुद्धाद्वैत वेदान्त ब्रह्मसूत्र महाभाष्य प्रकाश टीका सहित)

Anubhashya on Brahma Sutras by Mahaprabhu Vallabhacharya with Commentary

महाप्रभु वल्लभाचार्य (टीकाकार: गोस्वामी पुरुषोत्तम जी महाराज) द्वारा

DevanagariHindipublished2,600 पृष्ठ

पृष्ठ 1938, कुल 2600 में से

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पृष्ठ 1938

ार्थ"! Look at the image: is it 'ना' or 'न'? Ah! In L15, look at the letter before 'र्थ': It is 'ना' with an aa-matra? No, look at 'र्थ': it has a vertical line, which is the stem of 'थ'. Before it is 'न'! There is no aa-matra on 'न'! Wait! In "तन्नोदनार्थ" / "तद्बोधनार्थ": If it were "तद्बोधनार्थ", it is त - द्बो - ध - न - र्थ ? Wait! "बोधन" + "अर्थ" = "बोधनार्थ"! The 'न' merges with 'अ' of 'अर्थ' to make 'नार्थ' (न + आ + र्थ)! So 'न' MUST have an aa-matra: 'ना'! YES! बोधन + अर्थ = बोधनार्थ! AND नोदन + अर्थ = नोदनार्थ! Now, what is the letter between त and ध/द? Look at it: Is it 'द्बो' or 'न्नो'? Wait, in L15: "कल्पनोपदेशाङ्गीकारः सांख्यप्रसिद्ध्या तन्नोधनार्थ इति" Wait! Why would it be "तद्बोधनार्थ"? Let's think: "मध्वादिविद्यास्वपि कल्पनोपदेशाङ्गीकारः सांख्यप्रसिद्ध्या तद्बोधनार्थ इति तु त

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