भारतकोश
अणुभाष्य (महाप्रभु वल्लभाचार्य - शुद्धाद्वैत वेदान्त ब्रह्मसूत्र महाभाष्य प्रकाश टीका सहित)

अणुभाष्य (महाप्रभु वल्लभाचार्य - शुद्धाद्वैत वेदान्त ब्रह्मसूत्र महाभाष्य प्रकाश टीका सहित)

Anubhashya on Brahma Sutras by Mahaprabhu Vallabhacharya with Commentary

महाप्रभु वल्लभाचार्य (टीकाकार: गोस्वामी पुरुषोत्तम जी महाराज) द्वारा

DevanagariHindipublished2,600 पृष्ठ

पृष्ठ 2120, कुल 2600 में से

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  • is the first word "अतो न" or "अतोन"? Wait, after "नोच्येत,", look at the words: "अतो न पूर्वोक्ते विप्रतिपत्तव्यमित्यर्थः" - wait, where does the 'न' go? Look: "अतो" then space, then "न"? No, wait! Is that "अतो न"? Wait, look at line 3 end: "अत एवेत्यादि । तथा च यदि लाभपदार्थः प्रकाशात्मक एव" Line 4: "स्यात्तदासौपि प्राप्तिपदार्थः कामभोगरूपो नोच्येत, अतो न पूर्वोक्तैर्वै विप्रतिपत्तव्यमित्यर्थः ।"

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    Line by line analysis:

    [Header] परिशिष्टम् । २७

    सन्दर्भे कथनात्, भक्तस्यैव प्रियत्वकथनाच्चोक्त एवार्थः । अतस्तस्मिन्नपि पक्षे तनुप्रकाशलिङ्गेन भक्तस्यैव

    वरणविषयत्वं निश्चीयते, तथा सति स्वीयत्वं तेष्वेव सिद्धमिति पूर्वोक्तप्रकारेपि न कश्चिद्दोष इति हृदि-

    कृत्वोक्तार्थदार्ढ

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