भारतकोश
अणुभाष्य (महाप्रभु वल्लभाचार्य - शुद्धाद्वैत वेदान्त ब्रह्मसूत्र महाभाष्य प्रकाश टीका सहित)

अणुभाष्य (महाप्रभु वल्लभाचार्य - शुद्धाद्वैत वेदान्त ब्रह्मसूत्र महाभाष्य प्रकाश टीका सहित)

Anubhashya on Brahma Sutras by Mahaprabhu Vallabhacharya with Commentary

महाप्रभु वल्लभाचार्य (टीकाकार: गोस्वामी पुरुषोत्तम जी महाराज) द्वारा

DevanagariHindipublished2,600 पृष्ठ

पृष्ठ 235, कुल 2600 में से

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ानुगेयेति भावः । पूर्वोक्तेत्यादि 'एकोऽहं बहु स्याम्' इतीच्छाकारेणैव ।" Wait, look at line 33: "सा तु यथाकार्यं भगवदिच्छानुगेयेति भावः ।" -> Wait, look at: "भगवदिच्छानुगेयेति" or "भगवदिच्छानुज्ञेयेति"? Let's zoom in on line 33: "सा तु यथाकार्यं भगवदिच्छा" then "नुगेयेति" or "नुज्ञेयेति" or "नुयेयेति"? Letters: न (na) with u-matra = नु (nu) next: ग (ga) with e-matra = गे (ge) next: य (ya) with e-matra = ये (ye) next: ति (ti) "भगवदिच्छानुगेयेति भावः ।" (meaning: should be inferred according to the effect). Line 34: "नानाभावात्सृष्टिसिद्धावेतरदाकारान्तरकथनस्य 'प्रजायेय' इतीच्छाकारान्तरकथनस्य" Wait, line 34 ends with: "'प्रजायेय' इतीच्छाकारान्तरकथनस्य" Wait, look at line 34: "नानाभावात्सृष्टिसिद्धावेतरदाकारान्तरकथनस्य 'प्रजायेय' इतीच्छा

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