अणुभाष्य (महाप्रभु वल्लभाचार्य - शुद्धाद्वैत वेदान्त ब्रह्मसूत्र महाभाष्य प्रकाश टीका सहित)
Anubhashya on Brahma Sutras by Mahaprabhu Vallabhacharya with Commentary
महाप्रभु वल्लभाचार्य (टीकाकार: गोस्वामी पुरुषोत्तम जी महाराज) द्वारा
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संदर्भ में पढ़ें' 'ि' 'व' 'ि' 'य' 'त' ? There is a 'च' with 'य'? 'च्य' 'त' with 'े' = 'विविच्यते'! Ah! Let's look at the e-matra: "विविच्यत इत्याशयेनाहुश्चूतानामित्यादि" -> 'विविच्यत इत्याशयेनाहुः' (विविच्यते + इति = विविच्यत इति by sandhi!). Yes! In sandhi, विविच्यते + इति -> विविच्यत इति! (लोपः शाकल्यस्य: e -> a before i). And before that: "पूर्वधर्मेण"? Wait, why does it look like "धर्मनेन"? Wait, let's look at the characters: "पू" "र्व" "ध" "र्मे" "ण" "न" ? Wait: 'ध' 'र्मे' 'णैव'? Look: 'ध', 'र्म' with e-matra, then 'ण' with ai-matra? 'णैव'? Wait, let's look: 'ध' - ध 'र्म' - has no e-matra? Wait, is it "पूर्वधर्मेणैव"? Look at the characters between 'र्व' and 'विविच्यत': 1: ध 2: र्म 3: there is a letter with e-matra... wait, it's 'ने'? Or '