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भारतकोश
अणुभाष्य (महाप्रभु वल्लभाचार्य - शुद्धाद्वैत वेदान्त ब्रह्मसूत्र महाभाष्य प्रकाश टीका सहित)

अणुभाष्य (महाप्रभु वल्लभाचार्य - शुद्धाद्वैत वेदान्त ब्रह्मसूत्र महाभाष्य प्रकाश टीका सहित)

Anubhashya on Brahma Sutras by Mahaprabhu Vallabhacharya with Commentary

महाप्रभु वल्लभाचार्य (टीकाकार: गोस्वामी पुरुषोत्तम जी महाराज) द्वारा

DevanagariHindipublished2,600 पृष्ठ

पृष्ठ 2598, कुल 2600 में से

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पृष्ठ 2598

। क्रीडामग्ना? No! Wait, look at the quote: "यथा 'क्रीडास्तमेव जाताः'" or "यथा 'कीडा ममैव जाताः'" or "यथा 'क्रीडामय्य एव जाताः'"? Let's zoom in on line 11: य थ ा ' क ् र ी ड ़ ा . . . Letters: क ् र ी ड ़ ा (क्रीडा) म (ma) य ् य (yya) ए (e) व (va) Wait! "क्रीडामय्य एव जाताः"!! In Gopika-lila, the Gopis became "kridamayi": "लीलाभावनायां तु तद्रूपतापत्तिः यथा 'क्रीडामय्य एव जाताः'"! Yes! 'क्रीडामय्य एव जाताः'!

Now look at the next words: "एतदर्थस्तु तदासक्त्या देहादिषु सर्वत्र क्रियासु ज्ञानेषु पदार्थेष्वश्लिष्टेषु चान्येषामन्यथा-" Wait, "पदार्थेष्वश्लिष्टेषु" or "पदार्थेष्वश्लिष्टेषु"? प द ा र ् थ े ष ् व श ् ल ि ष ् ट े ष ु or "पदार्थेषु चाश्लिष्टेषु"? Look: प-द-ा-र ्-थ-े-ष ्-