अणुभाष्य (महाप्रभु वल्लभाचार्य - शुद्धाद्वैत वेदान्त ब्रह्मसूत्र महाभाष्य प्रकाश टीका सहित)
Anubhashya on Brahma Sutras by Mahaprabhu Vallabhacharya with Commentary
महाप्रभु वल्लभाचार्य (टीकाकार: गोस्वामी पुरुषोत्तम जी महाराज) द्वारा
पृष्ठ 398, कुल 2600 में से
संदर्भ में पढ़ेंika or Sutra?
Wait: Panini 4.3.155 is "नोत्त्वाद्गोर्धर्भविलवात्" or "नोत्त्वाद् वर्त्रबिल्वात्"?
Wait, in Kasika / Siddhanta Kaumudi:
Under 4.3.150:
"नोत्त्वाद् वर्त्रबिल्वात्" (वार्तिकम्)?
Wait, line 25 says: "वार्त्रं चर्म बैल्वो यूप इत्यादौ द्व्यच इति प्राप्तं प्रतिषेधुं नोत्वदिति सूत्रमारब्धव्यं ... उकारवद् वर्त्रबिल्वेभ्यो विकारे मयण् न भवतीति सूत्रार्थः"
So the vartika is: "नोत्त्वाद्वर्त्रबिल्वात्"!
Now look at line 9:
'नोत्वद्वर्त्रवि- / ल्वात्'!
Wait, is it द् + व = द्व?
Yes! द् and व together = द्व.
Then र् on top of त्र = र्त्र!
Wait, is there a ब or भ or वि?
It's वि!
Wait, द्वर्त्रविल्वात्!
Let's look at line 9:
'नोत्वद्वर्त्रवि-