भारतकोश
अणुभाष्य (महाप्रभु वल्लभाचार्य - शुद्धाद्वैत वेदान्त ब्रह्मसूत्र महाभाष्य प्रकाश टीका सहित)

अणुभाष्य (महाप्रभु वल्लभाचार्य - शुद्धाद्वैत वेदान्त ब्रह्मसूत्र महाभाष्य प्रकाश टीका सहित)

Anubhashya on Brahma Sutras by Mahaprabhu Vallabhacharya with Commentary

महाप्रभु वल्लभाचार्य (टीकाकार: गोस्वामी पुरुषोत्तम जी महाराज) द्वारा

DevanagariHindipublished2,600 पृष्ठ

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पृष्ठ 818

कचिद्तृतीयप्रपाठक इति पठन्ति । भाष्ये । छत इति रश्मित्वेन 'प्रकाशाश्रयवद्वा" Wait! "कचिद्तृतीयप्रपाठक" or "क्वचित्तृतीयप्रपाठक"? Look at line 36: 'क' 'चि' 'द्' 'तृ' 'ती' 'य' 'प्र' 'पा' 'ठ' 'क' -> "कचिद्तृतीयप्रपाठक" or "क्वचित् तृतीयप्रपाठक"? It looks like "कचिद्तृतीयप्रपाठक" or "क्वचिद् तृतीयप्रपाठक" (कचिद् with no व, or small व under क: क्वचिद्). Then: "भाष्ये । छत इति" - wait, is that 'छत' or 'अत'? Or 'कृत' or 'तत'? In line 7 of Bhashya: "स्वतः सिद्धं च तेषां तन्मधु ।" Wait, does Bhashya have "स्वत इति"? Look at Bhashya line 7: "स्वतः सिद्धं च तेषां तन्मधु ।" So in line 36 of Rashmi: "स्वत इति"! Wait, line 36 shows: 'भा' 'ष्ये' । [space] 'स्वत' (or 'छत'?) 'इ' 'ति' Ah, the letter is 'स्वत'! 'स्व' looks a