भारतकोश
अणुभाष्य (महाप्रभु वल्लभाचार्य - शुद्धाद्वैत वेदान्त ब्रह्मसूत्र महाभाष्य प्रकाश टीका सहित)

अणुभाष्य (महाप्रभु वल्लभाचार्य - शुद्धाद्वैत वेदान्त ब्रह्मसूत्र महाभाष्य प्रकाश टीका सहित)

Anubhashya on Brahma Sutras by Mahaprabhu Vallabhacharya with Commentary

महाप्रभु वल्लभाचार्य (टीकाकार: गोस्वामी पुरुषोत्तम जी महाराज) द्वारा

DevanagariHindipublished2,600 पृष्ठ

पृष्ठ 946, कुल 2600 में से

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': न्द्रि. Wait, is there an intervening consonant? Look: 'नि' -> then a vertical line with repha? No, it's an 'र्' with 'ि'? Wait, look at the glyph: It is: नि र्ि न्द्रि य क त्वा त् क थं ! Yes! It has an extra 'र्ि' or 'र्' combined with 'ि'! That is rendered as निर्िन्द्रियकत्वात्कथं.

Wait, let's look at L32: "सूत्रांशेनाशंक्य, अंशांतरेण समाधत्ते । तत्रापि दोह-" Is it "अंशांतरेण" or "अंशातरेण"? There is a clear anusvara on 'शा': "अंशांतरेण". In L2: "तथा ब्रह्मापीत्यंशातरेण समाहितम् ।" Wait, does L2 have anusvara? "अंशातरेण" or "अंशांतरेण"? It has a faint anusvara: "अंशांतरेण". Let's write "अंशांतरेण" or "अंशातरेण"? It looks like "अंशांतरेण".

Let's check L7: "‘परास्य शक्ति’रिति" Notice the single quotes: ‘परास्य शक्ति’रिति. L8: "‘आत्मन्येवात्मनात्मानं सृजेह

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