भारतकोश
अनुगीता (महाभारत आश्वमेधिक पर्व - श्रीकृष्ण-अर्जुन संवाद सटीक)

अनुगीता (महाभारत आश्वमेधिक पर्व - श्रीकृष्ण-अर्जुन संवाद सटीक)

Anugita from Mahabharata Ashvamedhika Parva with Commentary

भगवान् श्रीकृष्ण / महर्षि वेदव्यास द्वारा

DevanagariHindipublished421 पृष्ठ

पृष्ठ 128, कुल 421 में से

संदर्भ में पढ़ें
पृष्ठ 128

पृथ्वी पाँचवाँ भूत है। नासिका उसका अध्यात्म, गन्ध उसका अधिभूत और वायु उसका अधिदैवत कहा जाता है ।। २२ १/२ ।। एषु पञ्चसु भूतेषु त्रिषु यश्च विधिः स्मृताः ।। २३ ।। इन पाँच भूतोंमें अध्यात्म, अधिभूत और अधिदैवरूप तीन भेद माने गये हैं ।। २३ ।। अतः परं प्रवक्ष्यामि सर्वं विविधमिन्द्रियम् । पादावध्यात्ममित्याहुर्ब्राह्मणास्तत्त्वदर्शिनः ।। २४ ।। अधिभूतं तु गन्तव्यं विष्णुस्तत्राधिदैवतम् । अब कर्मेन्द्रियोंसे सम्बन्ध रखनेवाले विविध विषयोंका निरूपण किया जाता है। तत्त्वदर्शी ब्राह्मण दोनों पैरोंको अध्यात्म कहते हैं और गन्तव्य स्थानको उनके अधिभूत तथा विष्णुको उनके अधिदैवत बतलाते हैं ।। २४ १/२ ।। अवाग्गतिरपानश्च पायुरध्यात्ममुच्यते ।। २५ ।। अधिभूतं विसर्गश्च मित्रस्तत्राधिदैवतम् । निम्न गतिवाला अपान एवं गुदा अध्यात्म कहा गया है और मलत्याग उसका अधिभूत तथा मित्र उसके अधिदेवता हैं ।। २५ १/२ ।। प्रजनः सर्वभूतानामुपस्थोऽध्यात्ममुच्यते ।। २६ ।। अधिभूतं तथा शुक्लं दैवतं च प्रजापतिः । सम्पूर्ण प्राणियोंको उत्पन्न करनेवाला उपस्थ अध्यात्म है और वीर्य उसका अधिभूत तथा प्रजापति उसके अधिष्ठाता देवता कहे गये हैं ।। २६ १/२ ।। हस्तावध्यात्ममित्याहुरध्यात्मविदुषो जनाः ।। २७ ।। अधिभूतं च कर्माणि शक्रस्तत्राधिदैवतम् । अध्यात्मतत्त्वको जाननेवाले पुरुष दोनों हाथोंको अध्यात्म बतलाते हैं। कर्म उनके अधिभूत और इन्द्र उनके अधिदेवता हैं ।। २७ १/२ ।। वैश्वदेवी ततः पूर्वा वागध्यात्ममिहोच्यते ।। २८ ।। वक्तव्यमधिभूतं च वह्निस्तत्राधिदैवतम् । विश्वकी देवी पहली वाणी यहाँ अध्यात्म कही गयी है। वक्तव्य उसका अधिभूत तथा अग्नि उसका अधिदैवत है ।। २८ १/२ ।। अध्यात्मं मन इत्याहुः पञ्चभूतात्मचारकम् ।। २९ ।। अधिभूतं च संकल्पश्चन्द्रमाश्चाधिदैवतम् । पञ्चभूतोंका संचालन करनेवाला मन अध्यात्म कहा गया है। संकल्प उसका अधिभूत है और चन्द्रमा उसके अधिष्ठाता देवता माने गये हैं ।। २९ १/२ ।। अहंकारस्तथाध्यात्मं सर्वसंसारकारकम् ।। ३० ।। अभिमानोऽधिभूतं च रुद्रस्तत्राधिदैवतम् ।

अनुगीता (महाभारत आश्वमेधिक पर्व - श्रीकृष्ण-अर्जुन संवाद सटीक) · पृष्ठ 128, कुल 421 में से · BharatKosha