भारतकोश
अपराजितपृच्छा (भुवनदेवाचार्य - प्राचीन मन्दिर, प्रासाद, कला एवं वास्तु महाग्रन्थ सटीक)

अपराजितपृच्छा (भुवनदेवाचार्य - प्राचीन मन्दिर, प्रासाद, कला एवं वास्तु महाग्रन्थ सटीक)

Aparajitapriccha of Bhuvanadeva with Commentary by Shrikrishna Jugnu

भुवनदेवाचार्य (टीकाकार: डॉ. श्रीकृष्ण 'जुगनू') द्वारा

DevanagariHindipublished535 पृष्ठ

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अलख, आनन्द, लक्ष्मी अध्यात्म गुरु एवं माता-पिता की स्मृति में शिल्पशास्त्र के अनुवाद का यह पुष्प... – भँवर शर्मा परम श्रद्धेय पिताश्री एवं सद्गुरु नित्यलीलालीन पण्डिततुल्य श्रीमद् मोहनलालजी चौहान की पुण्य स्मृति में... – श्रीकृष्ण