भारतकोश
आर्यभटीयम् (आचार्य आर्यभट - परमेश्वर टीका एवं हिन्दी अनुवाद)

आर्यभटीयम् (आचार्य आर्यभट - परमेश्वर टीका एवं हिन्दी अनुवाद)

Aryabhatiya of Aryabhata with Hindi Commentary

आचार्य आर्यभट (४७६ ई.) / पं. उदयनारायण सिंह द्वारा

DevanagariSanskritpublished134 पृष्ठ

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आर्य्यभटोयस्य विषयानां सूचीपत्रम् ॥ विषय पृष्ठाङ्क मङ्गलाचरणपूर्वक वस्तु कथन १ संख्या ज्ञापक अक्षरों की परिभाषा ॥ २ चतुर्युग में सूर्यादि की भगणसंख्या । ४-५ चन्द्रोच्च बुध, शुक्र के शीघ्रोच्च भगण । ६-७ कल्पान्तर्गत मनु और गत काल । ७-८ राशि आदि विभाग, आकाशकक्षा योजन प्रमाण आदि । ८ योजन परिमित भूमि आदि का योजनप्रमाण । १० ग्रहों के अपयान-प्रमाण और पुरुष-प्रमाण । ११ मङ्गलादि पांच ग्रहों का पात भगण और मन्दोच्चांश । १२ सूर्यादि के मन्दवृत्त और शनि आदि के शीघ्रवृत्त । १४ वक्री ग्रहों का युग्मपद में वृत्त एवं भू-वायु की कक्षा का प्रमाण । १५ चौबीश अर्ध्ज्या १६ दश गीतिका सूत्र परिज्ञान का फल । .१७ प्रथमपाद की विषयसूची समाप्त हुई ॥१॥ . ग्रन्थकार के जन्मस्थान का वर्णन । १७ संख्या के दश स्थानों की संज्ञा और संज्ञा का लक्षण । १८ वर्ग और घन स्वरूप वर्णन । १९ वर्गमूल । १९ घनमूल । २०-२३ त्रिभुज क्षेत्रफल और घन त्रिभुज का फल । २३-२४ वृत्तक्षेत्रफल और घन समवृत्त क्षेत्रफल । २४ विषम चतुष्कोण आदि का क्षेत्रफल । २४-२५ सब क्षेत्रों का फल लाना और व्यासार्द्ध तुल्यज्या का ज्ञान । २५-२६ वृत्त की परिधि का प्रमाण । २६-२७ जीवा की परिकल्पना की विधि । २७-२९ गीतिकोक्त खण्डज्याओं के लाने का उपाय । २९-३० वृत्तादि के परिकल्पना का प्रकार । ३०-३१ वृत्त के विष्कम्भार्द्ध का लाना । ३१ छाया का लाना । ३२ कोटी और भुजाओं का लाना । ३२-३३ कर्ण एवं अर्ध्ज्या का लाना । ३३