भारतकोश
अष्टादश स्मृति संग्रह (संपूर्ण १८ स्मृतियाँ)

अष्टादश स्मृति संग्रह (संपूर्ण १८ स्मृतियाँ)

Ashtadasha Smriti Sangrah (18 Smritis Complete)

महर्षि व्यास, अत्रि, विष्णु, हारीत, औशनस, आङ्गिरस, यम, आपस्तम्ब, संवर्त, कात्यायन, बृहस्पति, शंख, लिखित, दक्ष, शातातप, वसिष्ठ आदि द्वारा

स्रोत: 18 Smritis with Sanskrit Shlokas & Hindi Bhasha Tika (उद्गम)

DevanagariHindipublished805 पृष्ठ

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भाषार्थसहिता ॥ १५

अजाभिघातनेचैव अधिकाङ्गःप्रजायते । अजातेनप्रदातव्या विचित्रवस्त्रसंयुता ॥ ६१ ॥ उरभ्रेनिहतेचैव पाण्डुरोगःप्रजायते । कस्तूरिकापलंदद्याद् ब्राह्मणायविशुद्धये ॥ ६२ ॥ मार्जारैनिहतेचैव जायतेपिङ्गलोचनः । तेनवैदूर्यरत्नानि दातव्यानिस्वशक्तितः ॥ ६३ ॥ जायतेचक्रपादस्तु निहतेशुनिमानवः । निष्कद्वयमितंदद्यान्नकुलंसविशुद्धये ॥ ६४ ॥ शशकेनिहतेचैव कुब्जकर्णस्तुजायते । निष्कत्रयमितंदद्यात्ससुवर्णंविशुद्धये ॥ ६५ ॥ नकुलस्याभिहनने जायतेवक्रमण्डलम् । शय्यांदद्यात्सविप्राय सोपधानांतूलिकाम् ॥ ६६ ॥ शयालुःसर्पहाद्याल्लोहदण्डंसदक्षिणम् । कुब्जोमूषकहाद्यात्सप्तधान्यंसकाञ्चनम् ॥ ६७ ॥


बकरी की हत्या करने पर अङ्गुष्ठा आदि अधिक अङ्गवाला वह जन्मता है इ- लिये वह कई रंगवाले वस्त्र सहित बकरी का दान करे ॥ ६१ ॥ मेढ़ा की ह- त्या करने पर जन्मान्तर में पाण्डुरोग होता है उस पाप की शुद्धि के लिये चार तोला कस्तूरी ब्राह्मण को दान करे ॥ ६२ ॥ बिलाव के मारडालने पर पीली आँखोंवाला जन्मान्तर में होता है। उस को अपनी शक्ति अनुसार वैडूर्य रत्नों का दान करना चाहिये ॥ ६३ ॥ कुत्ते की हत्या करने पर मनुष्य चक्र (पहिये जैसे) पगवाला होता है वह दो तोला सुवर्ण का न्योला बना कर अपनी शुद्धि के लिये दान करे ॥ ६४ ॥ शश (खरहा) के मारने पर कुबड़े कान वाला जन्मान्तर में होता है, वह अपनी शुद्धि के लिये तीन तोला सुवर्ण का दान करे ॥ ६५ ॥ न्योला के मारने पर जन्मान्तर में वक्रमण्डल रोग होता है इस से वह तोशक तकिया सहित नयी खटिया का दान करे ॥ ६६॥ सांप को मारने वाले को निद्रा अधिक तर घेरे रहती है। इस से वह दक्षिणा स- हित लोहे के दण्ड का दान करे। मूषक को मारने वाला कुबड़ा होता है वह सुवर्ण दक्षिणा सहित सतनजा का दान करे ॥ ६७ ॥