भारतकोश
अष्टादश स्मृति संग्रह (संपूर्ण १८ स्मृतियाँ)

अष्टादश स्मृति संग्रह (संपूर्ण १८ स्मृतियाँ)

Ashtadasha Smriti Sangrah (18 Smritis Complete)

महर्षि व्यास, अत्रि, विष्णु, हारीत, औशनस, आङ्गिरस, यम, आपस्तम्ब, संवर्त, कात्यायन, बृहस्पति, शंख, लिखित, दक्ष, शातातप, वसिष्ठ आदि द्वारा

स्रोत: 18 Smritis with Sanskrit Shlokas & Hindi Bhasha Tika (उद्गम)

DevanagariHindipublished805 पृष्ठ

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भाषाऽर्थसहिता ॥ ३९

सर्पदंशेनागबलिर्देयःसर्षपुकान्चनम् ॥ ३३ ॥ चतुर्निष्कमिमंहेम गजंदद्याद्गजेर्हते । राज्ञाविनिहतेदद्यात्पुरुषन्तुहिरण्मयम् ॥ ३४ ॥ चौरेणनिहतेधेनुं वैरिणानिहतेवृषम् । वृकेणनिहतेदद्याद्यथाशक्तिचकाञ्चनम् ॥ ३५ ॥ शय्यामृतेप्रदातव्या शय्यातूलीसमान्विता ॥ निष्कमात्रंसुवर्णस्य विष्णुनासमधिष्ठिता ॥ ३६ ॥ शौचहीनेमृतेचैव द्विनिष्कस्वर्णजंहरिम् । संस्कारहीनंचमृते कुमारंचविवाहयेत् ॥ ३७ ॥ शुनाहतेचनिःक्षेपं स्थापयेन्निजशक्तितः । शूकरेणहतेदद्यान्महिषंदक्षिणान्वितम् ॥ ३८ ॥ कृमिभिश्चमृतेदद्याद् गोधूमार्द्धद्विजातये । शृङ्गिणाचहतेदद्याद् वृषंसंवस्त्रसंयुतम् ॥ ३९ ॥ शकटेनमृतेदद्याद् दव्यंसोपस्करान्वितम् ।

अपने व्यय से करा देवे । सांप के काटने से मरने पर सब छवियों में किंचित् किंचित् सुवर्ण धरके सांपों के लिये बलि देवे ॥ ३३ ॥ हाथी से मारेजाने पर सोलह तोला सुवर्ण का हाथी बनाकर दान करे । राजाज्ञा से मारे गये पर सुवर्ण का पुरुष बनाके दान करे ॥ ३४ ॥ चौर से मृत्यु होने पर गोदान, और शत्रु से मारे जाने पर बैल का दान करे । भेड़िया से मारेजाने पर यथाशक्ति सुवर्ण का दान करे ॥ ३५ ॥ खटिया पर मरजाने पर चार तोला सुवर्ण से बनायी तोशक तकिया सहित खटिया पर स्थापित की विष्णुभगवान् की मूर्ति का दान करे ॥ ३६ ॥ अशुद्ध दशा में मरने पर आठ तोला सुवर्ण की विष्णु मूर्ति का दान करे । संस्कारहीन दशा में मरने पर ब्राह्मण कुमार का विवाह अपने व्यय से करावे ॥ ३७ ॥ कुत्ते के काटने से मरने पर अपनी शक्ति के अनुसार धर्म के लिये किसी के यहां धन जमा करे । सूअर से मृत्यु होने पर दक्षिणा सहित भैंसा का दान करे ॥ ३८ ॥ कृमियों से मरने पर ब्राह्मण को गेहूं का दान करे । और सींगवाले पशु से मृत्यु हो तो वस्त्र सहित बैल का दान करे ॥ ३९ ॥ गाड़ी से दब के मरने पर सामग्री सहित धन का दान करे । पहाड़ से गिर कर मरने पर धान्य पर्वत का दान करे (जौ चांवलादि अन्न का