भारतकोश
अष्टाध्यायी सूत्रपाठ (महर्षि पाणिनि - पदच्छेद एवं यतिबोध सहित सम्पूर्ण ८ अध्याय)

अष्टाध्यायी सूत्रपाठ (महर्षि पाणिनि - पदच्छेद एवं यतिबोध सहित सम्पूर्ण ८ अध्याय)

Ashtadhyayi Sutrapatha of Maharshi Panini

महर्षि पाणिनि द्वारा

DevanagariSanskritpublished102 पृष्ठ

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पृष्ठ 14

१४ अष्टाध्यायीसूत्रपाठः ( यतिबोधसहितः ) २१ उपज्ञोपक्रमं तदाद्या- | ४३ लुङि च। चिख्यासायाम्। | ४४ आत्मनेपदेष्वन्यतरस्याम्। २२ छाया बाहुल्ये। | ४५ इणो गा लुङि। २३ सभा राजामनुष्यपूर्वा। | ४६ णौ गमिरबोधने। २४ अशाला च। | ४७ सनि च। २५ विभाषा सेनासुराच्छाया- | ४८ इङश्च। शालानिशानाम्। | ४९ गाङ् लिटि। २६ परवल्लिङ्गं द्वन्द्वतत्पुरुषयोः। | ५० विभाषा लुङ्लृङोः। २७ पूर्ववदश्ववडवौ। | ५१ णौ च संश्चङोः। २८ हेमन्तशिशिरावहोरात्रे | ५२ अस्तेर्भूः। चच्छन्दसि। | ५३ ब्रुवो वचिः। २९ रात्राह्नाहाः पुंसि। | ५४ चक्षिङः ख्याञ्। ३० अपथं नपुंसकम्। | ५५ वा लिटि। ३१ अर्धर्चाः पुंसि च। | ५६ अजेर्व्यघञपोः। ३२ इदमोन्वादेशेश्नुदात्तस् | ५७ वा यौ। तृतीयादौ। | ५८ ण्यक्षत्रियार्षञितो यूनि ३३ एतदस्त्रतसोस्त्रतसौ | लुगणिञोः। चानुदात्तौ। | ५९ पैलादिभ्यश्च। ३४ द्वितीयाटौस्स्वेनः। | ६० इञः प्राचाम्। ३५ आर्धधातुके। | ६१ न तौल्वलिभ्यः। ३६ अदो जग्धिल्यप्ति किति। | ६२ तद्राजस्य बहुषु ३७ लुङ्सनोर्घस्लृ। | तेनैवास्त्रियाम्। ३८ घञपोश्च। | ६३ यस्कादिभ्यो गोत्रे। ३९ बहुलं छन्दसि। | ६४ यञञोश्च। ४० लित्यन्यतरस्याम्। | ६५ अत्रिभृगुकुत्सवासिष्ठ- ४१ वेञो वयिः। | गौतमाङ्गिरोभ्यश्च। ४२ हनो वध लिङि। | ६६ बह्वच इञः प्राच्यभरतेषु।