अष्टाङ्गहृदयम्
Ashtanga Hridayam
श्रीमद्वाग्भट द्वारा
स्रोत: चौखम्बा संस्कृत प्रतिष्ठान - निर्मला हिन्दी व्याख्या (डॉ० ब्रह्मानन्द त्रिपाठी) · चौखम्बा संस्कृत प्रतिष्ठान, दिल्ली · 1999 (उद्गम)
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संदर्भ में पढ़ेंविषय
द्रव्यग्रहण -निर्देशि
गणोक्त द्र॒व्यों के प्रयोग
(१६ ) स्नेहविधिरध्यायः
स्नेहन एवं रूक्षण-वर्णन
चार प्रकार के स्नेह
घुत की प्रधानता
स््नेहों के प्रमुख गुण
उत्तरोत्तर गुरुता
स्नेहयोगों के नाम
स्नेहनयोग्य व्यक्ति
स्नेहन के अयोग्य व्यक्ति
घृतस्नेह के योग्य व्यक्ति
तैलस्नेह के योग्य व्यक्ति
वसा-मज्जास्नेह
वसास्नेह का क्षेत्र
ऋतुभेद से स्नेह-निर्देश
दिन में स्नेहसेवन-निर्देश
शीतकाल में तैल-प्रयोग
रात्रि में घृतपान-विधान
कारण-भेद से रात्रि में घृतपान
स्नेहसेवन-विचार
स्नेहसेवन के भेद की युक्ति
स्नेहसेवन - प्रकार
, स्नेह की विचारणाएँ
विचारणा पर विचार
अच्छपेय के लाभ
स्नेहमात्रा-विचार
शोधनार्थ स्नेहमात्रा
शमनार्थ स्नेहमात्रा
बुंहणार्थ स्नेहपान- विधि
बृंहणस्नेहपान के योग्य व्यक्ति
स्नेहसेवन का प्रभाव
विविध स्नेहों के अनुपान
स्नेहपानार्थ आहार-विचार
स्नेहपानार्थ विहार-विचार
सर्वत्र त्याज्य कर्म
शमनस्नेहपान में उपचार
स्नेहपान की अवधि
सम्यक् स्निग्ध पुरुष के लक्षण
है जछ ॥
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विषय
अतिस्निग्ध के लक्षण
मिथ्या स्निग्ध के लक्षण
स्नेहव्यापत्-चिकित्सा
विरूक्षण -निर्देश
स्वेदन आदि के प्रयोग
स्नेहन के पूर्व रूक्षण विधि
असात्म्य स्नेह की शक्ति
सद्यःस्नेहन का निर्देश
सात सद्यःस्नेहन-योग
लवण के गुण
स्नेहनयोगों का निषेध
कुष्ठादि के योग्य स्नेह
क्षीण पुरुषों के योग्य स्नेह
स्नेहसेवन से लाभ
( १७ ) स्वेदविधिरध्याय:
स्वेदन के चार भेद
तापस्वेद का वर्णन
उपनाहस्वेद का वर्णन
बन्धनद्रव्य - निर्देश
ऊष्मस्वेद का वर्णन
द्रवस्वेद का वर्णन
अवगाहनस्वेद -विधि
स्वेदन-विधि
स्वेदन-विधिभेद
दोषभेद से स्वेदन
स्थानभेद से स्वेदन
अन्यत्र स्वेदन-निर्देश
स्वेदन का सम्यक् योग
स्वेदन का अतियोग
स्वेदन एवं स्तम्भन औषध
स्तम्भन के सम्यक् योग के लक्षण
स्तम्भन के अतियोग के लक्षण
स्वेदन के अयोग्य रोगी एवं रोग
स्वेदन के योग्य रोगी
अनाग्नेय स्वेदनयोग्य रोग
अनाग्नेय स्वेदों का वर्णन
स्वेदन-प्रयोग का फल
( १८ ) वमन-विरेचनविधिरध्याय:
वमन-विरेचन-व्यवस्था
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