आश्वलायन गृह्यसूत्र (अनाविला टीका व हिन्दी व्याख्या सहित)

आश्वलायन गृह्यसूत्र (अनाविला टीका व हिन्दी व्याख्या सहित)
Ashvalayana Grihyasutra Hindi
महर्षि आश्वलायन (टीकाकार: हरदत्त आचार्य) द्वारा
स्रोत: Asvalayana Grihya Sutram with Anavila Commentary by Haradatta (उद्गम)
DevanagariHindipublished292 पृष्ठ
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दशमः खण्डः] अनाविलेापेतम् । १९७
शं मयि जानीध्वमिति सकृदुक्त्या मन्त्रान्तद्विरुक्तिरध्याय- परिसमाप्तिकृतौ । इतिकरणं चाध्याहार्यम् ॥ ९ ॥
इति हरदत्ताचार्यमिश्रविरचितायामाश्वलायनगृह्यवृत्तौ अनाविलायां द्वितीयाध्याये दशमः खण्डः । द्वितीयोऽध्यायः समाप्तः ।
१. 'ता द्वि' घ. पाठः.
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