भारतकोश
अथर्ववेद संहिता (सरल हिन्दी भावार्थ सहित)

अथर्ववेद संहिता (सरल हिन्दी भावार्थ सहित)

Atharvaveda Samhita with Hindi Translation

डा. गंगा सहाय शर्मा द्वारा

स्रोत: संस्कृत साहित्य प्रकाशन · संस्कृत साहित्य प्रकाशन (उद्गम)

DevanagariSanskritpublished1,063 पृष्ठ

पृष्ठ 203, कुल 1063 में से

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पृष्ठ 203

ओदन पकाया था तथा जो ओदन पृथ्‍वी आदि लोकों को बांधने वाला है, उस ओदन से मैं मृत्यु को पार करूं. (१) येनातरन् भूतकृतो ऽ ति मृत्युं यमन्वविन्दन् तपसा श्रमेण. यं पपाच ब्रह्मणे ब्रह्म पूर्वं तेनौदनेनाति तराणि मृत्युम्.. (२) प्राणियों के निर्माण कर्ता देवों ने जिस ओदन की सहायता से मृत्यु का अतिक्रमण किया था, जिस ओदन को तप और श्रम के द्वारा प्राप्त किया था तथा जिसे हिरण्यगर्भ प्रजापति ने सब से पहले ब्रह्म के लिए पकाया था, उसी ओदन की सहायता से मैं मृत्यु को पार करूं. (२) यो दाधार पृथिवीं विश्वभोजसं यो अन्तरिक्षमापृणाद् रसेन. यो अस्तभ्नाद् दिवमूर्ध्वो महिम्ना तेनौदनेनाति तराणि मृत्युम्.. (३) जिस ओदन ने समस्त प्राणियों का भोग बनी हुई पृथ्‍वी को धारण किया था, जो ओदन अपने रस से अंतरिक्ष को पूर्ण करता है तथा जिस ओदन ने अपनी महत्ता से द्युलोक अर्थात् स्वर्ग को ऊपर धारण किया था, उसी ओदन की सहायता से मैं मृत्यु को पार करता हूं. (३) यस्मान्मासा निर्मितास्त्रिंशदराः संवत्सरो यस्मान्निर्मितो द्वादशारः. अहोरात्रा यं परियन्तो नापुस्तेनौदनेनाति तराणि मृत्युम्.. (४) जिस ब्रह्मोदन से मास उत्पन्न हुए, जिन में पहिए के 'अरे' के समान तीस दिन स्थित हैं, जिस ब्रह्मोदन से बारह महीनों वाला संवत्सर उत्पन्न हुआ, जिस ब्रह्मोदन को रात और दिन समीप रहते हुए भी प्राप्त नहीं कर पाते, उसी ओदन की सहायता से मैं मृत्यु को पार करूं. (४) यः प्राणदः प्राणदवान् बभूव यस्मै लोका घृतवन्तः क्षरन्ति. ज्योतिष्मतीः प्रदिशो यस्य सर्वास्तेनौदनेनाति तराणि मृत्युम्.. (५) जो ओदन मृत्यु के समीप पहुंचे हुए जनों को प्राण देने वाला हुआ, जिस ओदन के लिए लोक घी की धाराएं बरसाते हैं तथा जिस ओदन के तेज से सभी दिशाएं प्रकाशित हैं, उसी ओदन की सहायता से मैं मृत्यु को पार करता हूं. (५) यस्मात् पक्वादमृतं संबभूव यो गायत्र्या अधिपतिर्बभूव. यस्मिन् वेदा निहिता विश्वरूपास्तेनौदनेनाति तराणि मृत्युम्.. (६) जिस पके हुए ब्रह्मोदन से स्वर्ग का अमृत उत्पन्न हुआ, जो छंदों की प्रमुख गायत्री का अधिपति बना तथा जिस में शाखा भेद से समस्त वेद स्थित हैं, उसी ओदन की सहायता से मैं मृत्यु को पार करता हूं. (६) ebook converter DEMO Watermarks*