भारतकोश
अथर्ववेद संहिता (सरल हिन्दी भावार्थ सहित)

अथर्ववेद संहिता (सरल हिन्दी भावार्थ सहित)

Atharvaveda Samhita with Hindi Translation

डा. गंगा सहाय शर्मा द्वारा

स्रोत: संस्कृत साहित्य प्रकाशन · संस्कृत साहित्य प्रकाशन (उद्गम)

DevanagariSanskritpublished1,063 पृष्ठ

पृष्ठ 255, कुल 1063 में से

संदर्भ में पढ़ें
पृष्ठ 255

सरूपौ द्वौ विरूपौ द्वौ कृष्णौ द्वौ रोहितौ द्वौ. बभ्रुश्च बभ्रुकर्णश्च गृध्रः कोकश्च ते हताः.. (४) दो समान रूप वाले, दो भिन्न रूप वाले, दो काले, दो लाल रंग के, एक खाकी रंग वाला, एक खाकी रंग के कान वाला, एक गिद्ध और कोक—हम इन सभी कृमियों को मंत्र की शक्ति से नष्ट करते हैं. (४) ये क्रिमयः शितिकक्षा ये कृष्णाः शितिबाहवः. ये के च विश्वरूपास्तान् क्रिमीन् जम्भयामसि.. (५) जो कृमि तीखी कोख वाले हैं, जो काले हैं, जो तीखी भुजाओं वाले एवं जो अनेक रूपों वाले हैं, उन सब को हम मंत्र की शक्ति से नष्ट करते हैं. (५) उत् पुरस्तात् सूर्य एति विश्वदृष्टो अदृष्टहा. दृष्टांश्च घ्नन्नदृष्टांश्च सर्वांश्च प्रमृणन् क्रिमीन्.. (६) सभी को दिखाई देने वाले सूर्य अदृश्य कृमियों को नष्ट करते हैं. वे दृश्य और अदृश्य कृमियों को नष्ट करते हुए पूर्व दिशा से उदय हो रहे हैं. (६) येवाषासः कष्कषास एजत्काः शिपवित्नुकाः. दृष्टश्च हन्यतां क्रिमिरुतादृष्टश्च हन्यताम्.. (७) हे इंद्र! तुम शीघ्र गमन करने वाले, कष्ट देने वाले, कंपित करने वाले, तीक्ष्ण कृमि, दिखाई देने वाले अथवा दिखाई न देने वाले सभी कृमियों को नष्ट करो. (७) हतो येवाषः क्रिमीणां हतो नदनिमोत. सर्वान् नि मष्मषाकरं दृषदा खल्वाँ इव.. (८) तीव्रगामी कृमि मेरी मंत्र शक्ति से नष्ट हो गए. नदमिना नाम के कीड़ों को मैं ने इस प्रकार पीस डाला है, जिस प्रकार चने पत्थरों से पीसे जाते हैं. (८) त्रिशीर्षाणं त्रिककुदं क्रिमिं सारङ्गमर्जुनम्. शृणाम्यस्य पृष्टीरपि वृश्चामि यच्छिरः.. (९) मैं तीन सिरों वाले, तीन ककुदों वाले, चितकबरे रंग वाले और श्वेत वर्ण वाले कृमियों को मंत्र की शक्ति से नष्ट करता हुआ, उन की पसलियों और सिरों को कुचलता हूं. (९) अत्रिवद् वः क्रिमयो हन्मि कण्ववज्जमदग्निवत्. अगस्त्यस्य ब्रह्मणा सं पिनष्यहं क्रिमीन्.. (१०) मैं अत्रि ऋषि, कण्व ऋषि और जमदग्नि ऋषि के समान मंत्र बल से कृमियों का विनाश ebook converter DEMO Watermarks*