भारतकोश
अथर्ववेद संहिता (सरल हिन्दी भावार्थ सहित)

अथर्ववेद संहिता (सरल हिन्दी भावार्थ सहित)

Atharvaveda Samhita with Hindi Translation

डा. गंगा सहाय शर्मा द्वारा

स्रोत: संस्कृत साहित्य प्रकाशन · संस्कृत साहित्य प्रकाशन (उद्गम)

DevanagariSanskritpublished1,063 पृष्ठ

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प्रेत का वर्णन ७ पितृ याग नामक कर्म १४ महर्षियों से सुख की कामना १६ देवमाता अदिति की प्रशंसा २७ भू देवता की प्रशंसा ५० शीतकारिणी जड़ीबूटियां और मंडूकपर्णी ओषधि से व्याप्त पृथ्वी ६० वनस्पति में अस्थिरूप पुरुष ढांचा ७० ४. अग्नि की स्तुति १-८९ अग्नि, वायु और सूर्य का स्वर्ग में निवास ४ प्रेत का संस्कार १६ वैश्वानर अग्नि द्वारा पितरों का पोषण ३५ दाह संस्कार करने वाले पुरुषों द्वारा सरस्वती का आह्वान ४५ सोमरस प्राप्त करने वाले अधिकारी पितर ६३ अग्नि, पितरों और यम के लिए नमस्कार ७२ प्रकाशमान अग्नि की स्तुति ८८ उन्नीसवां कांड सूक्त विषय मंत्र १. देवों के उद्देश्य से यज्ञ में आहुति १-३ आहुतियों से यज्ञ की रक्षा की कामना २ २. कल्याणकारी जलों का वर्णन १-५ जलों की वंदना ३ ३. अग्नि देव की स्तुति १-४ अग्नि हर वस्तु में विद्यमान है २ अग्नि की महिमा ३ ४. अग्नि की स्तुति १-४ सरस्वती की कामना २ बृहस्पति का आह्वान ३ ५. देवताओं के स्वामी इंद्र की स्तुति १ ६. नारायण नाम के पुरुष की स्तुति १-१६ यज्ञ पुरुष की कल्पना ५ ब्राह्मण, क्षत्रिय, वैश्य और शूद्र की उत्पत्ति ६ चंद्रमा और सूर्य की उत्पत्ति ७ अंतरिक्षलोक, स्वर्गलोक, भूमि और दिशाओं की उत्पत्ति ८ ebook converter DEMO Watermarks*