भारतकोश
अथर्ववेद संहिता (सरल हिन्दी भावार्थ सहित)

अथर्ववेद संहिता (सरल हिन्दी भावार्थ सहित)

Atharvaveda Samhita with Hindi Translation

डा. गंगा सहाय शर्मा द्वारा

स्रोत: संस्कृत साहित्य प्रकाशन · संस्कृत साहित्य प्रकाशन (उद्गम)

DevanagariSanskritpublished1,063 पृष्ठ

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विराट की उत्पत्ति ९ घोड़ों आदि की उत्पत्ति १२ अश्वमेध यज्ञ १५ ७. नक्षत्रों की स्तुति १-५ विभिन्न नक्षत्रों के अनुकूल होने की कामना २ ८. नक्षत्रों की स्तुति १-७ अट्ठाईस नक्षत्र २ नक्षत्रों के देवताओं का अभिनंदन ३ इंद्र की स्तुति ६ ९. देवों की स्तुति १-१४ ज्ञानेंद्रियों का वर्णन ५ शांति की कामना ९ १०. इंद्र और अग्नि की स्तुति १-१० सभी देवों से सुख की याचना ४ सोम ७ ११. सत्य पालक देवों और पितरों की स्तुति १-६ १२. उषा की प्रशंसा १ १३. इंद्र की प्रशंसा १-११ इंद्र की सहायता से शत्रु विजय की कामना ३ शत्रु को नष्ट करने वाले बृहस्पति ८ १४. द्यावा और पृथ्वी की स्तुति १ १५. अभय करने वाले इंद्र आदि की प्रशंसा १-६ कर्मों की सिद्धि हेतु इंद्र से प्रार्थना ३ १६. सविता देव की स्तुति १-२ अश्विनीकुमारों की स्तुति ३ १७. पृथ्वी की स्तुति १-१० अंतरिक्ष का स्थायी देवता २ सोम व रुद्र की स्तुति ३ १८. शत्रुओं के विनाश की कामना १-१० वायु से शत्रु विनाश की कामना २ १९. मित्र नाम वाले अग्नि आदि देवों की स्तुति १-११ वायु द्वारा पुर की रक्षा ३ २०. इंद्र, अग्नि, सविता आदि देवों की स्तुति १-४ सभी प्राणियों के पालनकर्ता प्रजापति ३ २१. छंदों के लिए आहुति १ २२. अंगिरा गोत्र वाले ऋषियों के लिए आहुति १-२१ छठे के लिए आहुति २ २३. ऋषियों के लिए आहुति १-३० पांच ऋचाओं की रचना करने करने ebook converter DEMO Watermarks*