अथर्ववेद संहिता (सरल हिन्दी भावार्थ सहित)
Atharvaveda Samhita with Hindi Translation
डा. गंगा सहाय शर्मा द्वारा
स्रोत: संस्कृत साहित्य प्रकाशन · संस्कृत साहित्य प्रकाशन (उद्गम)
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संदर्भ में पढ़ेंइंद्र को प्रिय लगने वाली स्तुतियां ६ ६१. इंद्र की हवि से पूजा १-६ ६२. इंद्र से रक्षा की कामना १-१० इंद्र की स्तुति ४ ६३. इंद्र की स्तुति १-९ ६४. स्वर्ग के स्वामी इंद्र की स्तुति १-६ ६५. इंद्र की स्तुति १-३ ६६. इंद्र का यज्ञ में बैठना १-३ ६७. इंद्र की महिमा का गुणगान १-७ अग्नि की स्तुति ३ ६८. रक्षा के लिए इंद्र का आह्वान १-१२ यज्ञशाला में इंद्र का गान ११ ६९. इंद्र का चिंतन १-१२ सूर्य रूप इंद्र ११ ७०. इंद्र की स्तुति १-२० इंद्र की महिमा १२ ७१. इंद्र की महिमा का वर्णन १-१६ शत्रुओं द्वारा इंद्र के बल की प्रशंसा १६ ७२. इंद्र की स्तुति और वर्णन १-३ ७३. इंद्र की प्रशंसा १-६ हवि रूप अन्न का सेवन ३ इंद्र द्वारा दुष्कर्म करने वालों का वध ६ ७४. इंद्र की स्तुति १-७ पाप वृत्ति वाले राक्षसों के वध की कामना ५ ७५. गोदान के अवसर पर अन्न की कामना १-३ ७६. अश्विनीकुमारों की स्तुति १-८ इंद्र की प्रशंसा ३ ७७. इंद्र की प्रशंसा १-८ इंद्र हेतु मंत्रों के समूह का उच्चारण २ मंत्रों के द्वारा दर्शनीय स्वर्ग का ज्ञान ३ ७८. सोमरस का संस्कार और इंद्र की स्तुति १-३ ७९. इंद्र की स्तुति १-२ ८०. इंद्र की स्तुति १-२ ८१. इंद्र के समान कोई महान नहीं १-२ ८२. इंद्र की स्तुति १-२ ८३. इंद्र से मंगलकारी घर की कामना १-२ ८४. इंद्र की स्तुति का परामर्श १-३ ebook converter DEMO Watermarks*